जयपुर में 14वें राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के दौरान ममता कुलकर्णी का बदला हुआ अंदाज चर्चा में आ गया। कभी भगवा वस्त्रों में साध्वी के रूप में नजर आने वाली एक्ट्रेस अब ग्लैमरस आउटफिट में स्टेज पर अपनी 90 के दशक की फिल्मों के गानों पर डांस करती दिखीं। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों ने उनके आध्यात्मिक सफर और नए लुक को लेकर सवाल करने शुरू कर दिए।
90s के गानों पर जमकर थिरकीं ममता
ममता को राजस्थान फिल्म फेस्टिवल में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस दौरान उनकी फिल्मों के गाने बजाए गए, जिन पर उन्होंने स्टूडेंट्स के साथ डांस किया। उन्होंने ‘घातक’ के ‘कोई जाए तो ले आए’, ‘करण अर्जुन’ के ‘एक मुंडा मेरी उम्र का’ और ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ के ‘लंबा-लंबा घूंघट’ जैसे गानों पर डांस किया। उनके मॉडर्न लुक ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
‘ये तो साध्वी बन गई थीं ना?’
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने ममता के पुराने आध्यात्मिक रूप को याद किया। किसी ने पूछा, ‘ये तो साधु बन गई थीं ना’, तो किसी ने उनके बदले अंदाज को लेकर मजाक किया। वहीं कई लोगों ने उनके ग्लैमरस अवतार की तारीफ भी की और उन्हें 90s की वही पुरानी स्टार बताया।
बोलीं- आध्यात्मिक जीवन मुझे बुला रहा था
ममता ने अपने आध्यात्मिक सफर के बारे में बातचीत में कहा था कि जिंदगी में एक समय ऐसा आया जब उन्हें लगा कि उन्हें कुछ और तलाशना है। उनके मुताबिक, उन्हें भीतर से एक आवाज सुनाई दी, जो उन्हें आध्यात्मिक जीवन की ओर बुला रही थी। उन्होंने बताया कि गुरु के जीवन में आने के बाद आध्यात्मिकता की ओर उनका झुकाव और बढ़ता गया।
जनवरी 2025 में महाकुंभ के दौरान ममता ने संन्यास लिया था और पिंडदान की रस्म भी निभाई थी। उन्हें आध्यात्मिक नाम ‘श्री यमाई ममता नंद गिरी’ दिया गया था और किन्नर अखाड़े ने उन्हें महामंडलेश्वर बनाया था। बाद में उन्होंने इस पद से इस्तीफा देने की बात कही।
ममता ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके लिए वैराग्य का मतलब केवल खास कपड़े पहनना या बाहरी चीजों को छोड़ देना नहीं है। उनके अनुसार, आध्यात्मिकता एक आंतरिक अवस्था है।
इसलिए जयपुर में उनका ग्लैमरस अंदाज भले ही लोगों को चौंका रहा हो, लेकिन ममता के हालिया बयानों से साफ है कि वह अपने आध्यात्मिक अनुभव को अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा मानती हैं।






