सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में श्रेयस अय्यर की टीम ने जीत दर्ज की. 160 रन के लक्ष्य को महज 13.4 ओवर में कोलकाता ने 2 विकेट खोकर हासिल करते हुए जीत दर्ज की. इस मुकाबले में ओपनिंग करने उतरे केकेआर के बैटर ने मैच के बाद बताया कि वह अपनी मां को अस्पताल में छोड़कर खेलने पहुंचे थे.
KKR vs SRH: इंडियन प्रीमियर लीग 2024 के फाइनल में पहुंचने वाली कोलकाता नाइटराइडर्स पहली टीम बन गई है. सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में श्रेयस अय्यर की टीम ने जीत दर्ज की. 160 रन के लक्ष्य को महज 13.4 ओवर में कोलकाता ने 2 विकेट खोकर हासिल करते हुए जीत दर्ज की. इस मुकाबले में ओपनिंग करने उतरे केकेआर के बैटर ने मैच के बाद बताया कि वह अपनी मां को अस्पताल में छोड़कर खेलने पहुंचे थे.

कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया मुकाबला एकतरफा रहा. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पैट कमिंस की टीम बड़ा स्कोर करने में नाकाम रही. कोलकाता के अनुभवी मिचेल स्टार्क ने शुरुआत में आकर तीन विकेट निकाल बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. राहुल त्रिपाठी और एनरिक क्लासेन ने टीम को मुश्किलें से निकाला. कप्तान पैट कमिंस ने आखिर में 30 रन की तेज पारी खेल स्कोर 159 रन तक पहुंचाया. कोलकाता ने लक्ष्य को कप्तान श्रेयस अय्यर और वेंकटेश अय्यर की तूफानी अर्धशतकीय पारी की बदौलत 13.4 ओवर में आसान जीत दर्ज की.
कोलकाता के लिए इस सीजन में फिल साल्ट ने सुनील नरेन के साथ मिलकर ताबड़तोड़ शुरुआत की. इंग्लैंड का यह खिलाड़ी वापस लौट चुकी है और उनकी जगह पर अफगानिस्तान के रहमानुल्लाह गुरबाज को ओपनिंग में उतारा गया. हैदराबाद के खिलाफ पहले विकेट के लिए इस बैटर ने 44 रन जोड़े. 14 बॉल पर गुरबाज 23 रन बनाकर वापस लौटे. केकेआर के फाइनल में पहुंचने के बाद उन्होंने दिल को झकझोरने वाली बात बताई कि वह अपनी मां को अस्पताल में छोड़कर अफगानिस्तान से चले हैं.

केकेआर के लिए हैदराबाद के खिलाफ ओपनिंग करने उतरे रहमानुल्लाह गुरबाज ने मैच के बाद बताया, ‘ इस वक्त भी मेरी मां अस्पताल में भर्ती हैं. उनको मैं हर दिन फोन करके बात करता हूं. मां के अस्पताल में होने के बाद भी अफगानिस्तान से भारत आईपीएल खेलने आने का फैसला लिया. मुझे इस बात की जानकारी थी कि फिल साल्ट के आईपीएल से वापस लौटने के बाद कोलकाता की टीम को मेरी जरूरत पड़ेगी. मैं टीम की जरूरत के वक्त मौजूद रहना चाहता था इसी वजह से मां को छोड़कर अफगानिस्तान से भारत आने का मुश्किल फैसला लिया. मैं यहां खुश हूं. मेरी मां भी मेरे लिए खुश हैं.’





