
भारतीय टीम अगर केंसिंग्टन ओवल में विश्व कप जीतती है, तो इसका बहुत सारा श्रेय रोहित और टीम के खिलाड़ियों को जाएगा, लेकिन इसके एक नायकों में द्रविड़ भी शामिल होंगे। टीम जीते या हारे द्रविड़ उसी तरह से शांतचित रहेंगे जैसा कि वह खिलाड़ी के तौर पर थे।
T20 World Cup 2024: भारतीय टीम शनिवार को आईसीसी टी-20 विश्व कप फाइनल मैच के लिए ब्रिजटाउन (बारबाडोस) में शनिवार को जब मैदान पर उतरेगी तो कोच के तौर पर इस टीम के साथ राहुल द्रविड़ का यह आखिरी मैच होगा। द्रविड़ का करार बीते नवंबर में वनडे विश्व कप के बाद ही खत्म हो गया था, लेकिन टीम प्रबंधन ने टी-20 विश्व कप तक उन्हें इस जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया था। टी-20 विश्व कप के भारतीय प्रसारक ने सोशल मीडिया पर ‘डूइटफॉरद्रविड़’ (द्रविड़ के लिए करो) का अभियान चलाया है, जिसे क्रिकेट जगत और प्रशंसकों का समर्थन मिल रहा है, लेकिन 51 वर्षीय द्रविड़ इस वैश्विक खिताब को किसी व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि टीम के लिए जीतना चाहते हैं।
Farewell, Rahul Dravid. 🥹❤️
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) June 28, 2024
– Thank you for each and every memory, one final time with team India tomorrow. 🇮🇳pic.twitter.com/OezOTUJp64
किसी शख्स के लिए नहीं जीतने के लिए जीतो वर्ल्ड कप
द्रविड़ के लिए विश्व कप जीतना कोई व्यक्तिगत गौरव का क्षण नहीं होगा यह टीम की उपलब्धि होगी। उनके मुताबिक भारत अगर विश्व चैंपियन बनता है तो यह टीम के प्रयास और रोहित शर्मा की प्रेरणादयी कप्तानी का परिणाम होगा। द्रविड ने अपने विचारों को साफ करते हुए कहा
‘स्टार-स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘मैं बस अच्छा क्रिकेट खेलना चाहता हूं। मैं इस बात के खिलाफ हूं कि टीम को इसे किसी व्यक्ति विशेष के लिए करना चाहिए। मैं इसके बारे में बात नहीं करना चाहता और न ही इस पर चर्चा करना चाहता हूं।’
उन्होंने इस मौके पर उस वाक्य का जिक्र किया जिससे उन्हें पिछले कई वर्षों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली है।
मैं ‘किसी के लिए कुछ करो’ पर विश्वास नहीं करता हूं। मुझे वह उद्धरण बहुत पसंद है, जिसमें कोई व्यक्ति किसी और से पूछ रहा है, ‘आप माउंट एवरेस्ट पर क्यों चढ़ना चाहते हैं?’ और वह कहता है ‘मैं माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना चाहता हूं क्योंकि वह वहीं (माउंट एवरेस्ट) है’।’ मैं यह विश्व कप जीतना चाहता हूं क्योंकि यह वहां है। यह किसी (व्यक्ति विशेष) के लिए नहीं है, यह सिर्फ जीतने के लिए है।
Indian Coach Rahul Dravid’s profession as team India’s head coach comes to an end tomorrow.
— Nibraz Ramzan (@nibraz88cricket) June 28, 2024
His emotions at 0:17 tell us how different and great this series win has been.👌🏼
He will never ever forget this series in his life. pic.twitter.com/FDDFtMk8m2
अलग मिट्टी के बने हैं राहुल द्रविड़
अपने खेल के दिनों में भारतीय टीम की दीवार कहे जाने वाले द्रविड़ की इन बातों को एक और उदाहरण से समझा जा सकता है। द्रविड़ 2011 में इंग्लैंड दौरे पर शानदार लय में थे। वह इस दौरे पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी के तौर पर उभरे थे। इस समय कई लोगों का मानना था कि वह अब खेल को अलविदा कह देगें। इस दौरे के बाद बेंगलुरु में जब उसने इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनका ध्यान अभी साल के आखिर में होने वाले ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर है। इस दौरे पर वह कोई निजी उपलब्धि हासिल नहीं करने की जगह भारतीय टीम के लिए टेस्ट श्रृंखला जीतना चाहते थे।
Tomorrow maybe coach Rahul Dravid's last match for India as Indian coach.🇮🇳🥺
— 𝐑𝐮𝐬𝐡𝐢𝐢𝐢⁴⁵ (@rushiii_12) June 28, 2024
Thankyou for always being by captain Rohit side, Captain RO will miss his "rahul bhai" the most🥺 ROVID🫶
Please boys win it for him🙏🏻
pic.twitter.com/tFrpnX5KjV
फिर उसी मोड़ पर राहुल द्रविड़
ऑस्ट्रेलिया में कई यादगार पारी खेलने वाले द्रविड़ ने तब कहा था, ‘हमें ऑस्ट्रेलिया में श्रृंखला जीतनी है और मुझे लगता है कि टीम के लिए मेरी यह जिम्मेदारी है। वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण जैसे बल्लेबाज उस दौर में अपना नैसर्गिक खेल आसानी से खेल पाते थे क्योंकि उन्हें पता था कि दूसरे छोर दबाव झेलने के लिए द्रविड़ मौजूद थे। ऑस्ट्रेलिया के उस दौरे के लगभग 12 साल के बाद द्रविड़ एक बार फिर से उसी तरह की स्थिति में है।




