भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) को क्रिकेट जगत का किंग कहा जाता है. कोहली दुनिया के अलग-अलग कोनों में अपने खेल का लोहा मनवा चुके हैं. कुछ पूर्व क्रिकेटर्स और एक्सपर्ट्स कोहली को क्रिकेट जगत का बेस्ट बल्लेबाज भी मानते हैं.
Virat Kohli Birthday Special : किंग कोहली आज यानी 05 नवंबर, 2024 को अपना 36वां जन्मदिन मना रहे हैं. तो आइए इस खास मौके पर जानते हैं कि विराट कोहली को असली पहचान कहां से मिली और कैसे वह इतने महान बन गए.
कहां से मिली कोहली को असली पहचान?
विराट कोहली का जन्म 5 नवंबर 1988 को दिल्ली में हुआ. वह दिल्ली के उत्तम नगर में पले-बढ़े. बताया जाता है कि सिर्फ 9 साल की उम्र में ही कोहली ने क्रिकेट को अपना लिया था. इसके बाद उन्होंने अपने बचपन के कोच राजकुमार शर्मा से क्रिकेट की बारीकियां सीखीं.
कोहली ने क्रिकेट में धीरे-धीरे कमाल करना शुरू किया. उन्होंने एज ग्रुप क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फर्स्ट क्लास क्रिकेट की तरफ कदम बढ़ाया. 2006 में कोहली ने करियर का पहला फर्स्ट क्लास मैच दिल्ली के लिए खेला. इसी दौरान कोहली के पिता प्रेम कोहली का निधन हुआ. पिता के निधन के बावजूद कोहली कर्नाटक के खिलाफ खेल रहे मैच में बैटिंग करने के लिए गए और उन्होंने 90 रनों की पारी भी खेली. यहां से कोहली को कुछ पहचान मिली. .

अंडर-19 वर्ल्ड कप से मिली असली शोहरत
विराट कोहली के लिए 2008 का अंडर-19 वर्ल्ड कप बहुत अहम था. कहा जाता है कि कोहली को इस अंडर-19 विश्व कप से खूब शोहरत मिली थी. इसी से कोहली के लिए टीम इंडिया में आने का रास्ता खुला था. कोहली ने अपनी कप्तानी में इंडिया को अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जितवाया था.

अंडर-19 वर्ल्ड कप में जलवा बिखेरने वाले कोहली को आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने खरीदा. फिर इसी साल यानी 2008 में उनकी टीम इंडिया में एंट्री हुई. कोहली ने 18 अगस्त, 2008 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच खेलकर अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया. इसके बाद विराट ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और वह एक के बाद रिकॉर्ड कायम करते चले गए.
सचिन तेंदुलकर का तोड़ चुके हैं रिकॉर्ड
कोहली ने 2023 में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप में महान सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था. कोहली ने वनडे विश्व कप वनडे का 50वां शतक लगाया था, जबकि सचिन के नाम पर वनडे मं 49 शतक दर्ज हैं. इसी तरह से कोहली ने करियर की शुरुआत से ही रिकॉर्ड्स तोड़ने शुरू किए और धीरे-धीरे उन्हें महान बल्लेबाज के रूप में देखा जाने लगा.





