अमरीश पुरी बाॅलीवुड के सबसे खतरनाक विलेन में से एक थे। उन्होंने बाॅलीवुड की कई फिल्मों में विलेन की भूमिका निभाई है। लेकिन वें रियल लाइफ में एक बहुत अच्छे इंसान थे। उनकी कई लोग तारीफ करते थे लेकिन वें उनकी मौत बड़े ही दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से हुईं थी। जिसका खुलासा उनके बेटे ने एक इंटरव्यू में किया था। आईये जानते है इस किस्से के बारे में।
भयंकर एक्सीडेंट में हुई थी मौत
‘फिल्मफेयर’ को दिए इंटरव्यू में राजीव पुरी ने 2003 के उस भयानक एक्सीडेंट को याद करते हुए पिता के आखिरी दिनों के बारे में बात की थी और बताया था कि अमरीश पुरी को मायलोइड्सप्लास्टिक सिंड्रोम हो गया था। राजीव पुरी ने बताया था, ‘2003 में गुड्डू धनोआ की फिल्म ‘जाल: द ट्रैप’ की शूटिंग हिमाचल प्रदेश में शूटिंग चल रही थी। वहीं पर पापा अमरीश पुरी का एक्सीडेंट हुआ था। उन्हें काफी गंभीर चोटें आई थीं। चेहरे और आंख पर बहुत चोट थी और काफी खून भी बह गया था। तुरंत ही पापा को हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें खून की जरूरत है। खून ढ़ाया गया, लेकिन उसी दौरान कुछ गड़बड़ हो गई क्योंकि इसके बाद पापा को खून से जुड़ी बीमारी मायलोइड्सप्लास्टिक सिंड्रोम हो गया।’

राजीव पुरी के मुताबिक, इसके बाद अमरीश पुरी धीरे-धीरे कमजोर होने लगे और उन्हें भूख लगनी भी कम हो गई थी। लेकिन जब अमरीश पुरी को पता चला कि उनकी बीमारी कितनी खतरनाक है, तो उन्हें तगड़ा झटका लगा था। राजीव पुरी ने इस बारे में बताया था, ‘पापा बुरी तरह घबरा गए थे। लेकिन वह दृढ़ इच्छा शक्ति वाले थे। वह दुनिया को दिखाना चाहते थे कि कितने स्ट्रॉन्ग हैं। पापा अच्छी तरह जानते थे कि 72 साल की उम्र के पड़ाव पर अब उनके शरीर में सबकुछ ठीक नहीं हो सकता। पापा का कहना था कि जो होना होगा, वो होगा।’
अमरीश पुरी ने काफी दिनों तक लडी लड़ाई
इतनी गंभीर बीमारी के बावजूद अमरीश पुरी ने खुद को संभाले रखा। वह बहुत दर्द में थे, बावजूद इसके उन्होंने वो सारी फिल्में खत्म करने की ठानी, जो उन्होंने साइन की हुई थीं। अमरीश पुरी नहीं चाहते थे कि उनकी वजह से कोई भी फिल्म या प्रोजेक्ट अटके। राजीव पुरी के मुताबिक, पिता अमरीश पुरी की बीमारी 2003 में पता चली थी और दिसंबर 2004 तक उन्होंने बीमार होने के बावजूद सारी फिल्मों की शूटिंग पूरी कर ली थी। तब अमरीश पुरी के पास ‘कच्ची सड़क’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘हलचल’ और ‘एतराज’ जैसी फिल्मों में काम कर रहे थे।

अमरीश बुरी बहुत बीमार थे और स्थिति खराब थी, लेकिन वह बिस्तर पर पड़े नहीं रहना चाहते थे। इसीलिए वह घर पर भी काफी कम वक्त रुकते थे। राजीव पुरी ने बताया था कि जब उन्होंने पापा अमरीश पुरी से उनकी हालत पूछी थी तो उन्होंने कहा था- कल से बेहतर हूं। लेकिन फिर एक दिन अमरीश पुरी घर में ही गिर पड़े। उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया था, जिसके कारण उनका निधन हो गया। पूरी फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा था। अमरीश पुरी के शोक में दो दिनों तक फिल्म इंडस्ट्री बंद कर दी गई। उनकी आखिरी झलक पाने को लोग श्मशान भूमि में पेड़ों पर चढ़ गए थे।अमरीश पुरी के निधन से पत्नी उर्मिला दिवेकर का बुरा हाल हो गया था। दोनों की लव मैरिज थी और वो इंश्योरेंस कंपनी में मिले थे। हमसफर के बीच में ही साथ छोड़कर जाना उर्मिला बर्दाश्त नहीं कर सकीं और उन्होंने खुद को सबसे दूर रखा।





