बाॅलीवुड में कई एक्टर और एक्ट्रेस है। लेकिन कुछ ऐसी एक्ट्रेस है, जो अपनी अदाओं और बोल्ड अंदाज से सभी को फैंस बना लेती है। इनमें सबसे बड़ा नाम विद्या बालन का आता है, जो अपनी अदाओं और बोल्ड अंदाज से सभी को आकर्षण करती है। उन्होंने काफी संघर्ष करके बाॅलीवुड इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई है। उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा था। आईये जानते है उनके संघर्ष के बारे में।
लगातार 12 फिल्में साइन की

विद्या बालन ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत काॅलेज दौर में कई थी। उन्होंने काफी संघर्ष किया था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत विज्ञापन के माध्यम से किया था। इसके बाद उन्हें पहली फिल्म साउथ इंडस्ट्री में मिली थी। जिसका नाम चक्रअब था। फिल्म चक्रअब की अनाउंसमेंट के बाद उन्हें साउथ की 12 फिल्मों में साइन किया गया था। उस वक्त साउथ में कॉन्ट्रैक्ट जैसा कुछ नहीं था, सिर्फ उन्हें साइन करने की बात कही गई थी।

इस दौरान एक खबर छपी। उस खबर में लिखा था कि फिल्म चक्रअब के पहले मोहनलाल ने कमल के साथ 8 फिल्मों में काम किया था और वो सभी फिल्में हिट रही थीं। दोनों में कभी कोई मनमुटाव नहीं हुआ। फिर खबर में अगली लाइन थी कि इस फिल्म में विद्या बालन नया चेहरा थीं और उन्हीं के कारण दोनों के रिश्ते में दरार आई। इतना ही नहीं, इसके लिए लोगों ने विद्या को कसूरवार ठहराया और उन पर मनहूस का लेबल लगा दिया।
हर फिल्म से रिजेक्शन के बाद मंदिर गई
इस खबर के सामने आते ही एक-एक कर उन्हें सभी 12 फिल्मों से निकाल दिया गया। शुरुआत में विद्या को इन चीजों से फर्क नहीं पड़ा, लेकिन धीरे-धीरे वो भी इन रिजेक्शन से टूटने लगीं। ये विद्या की लाइफ का सबसे खराब फेज था। बस परिवार और भगवान पर भरोसे ने उन्हें बांधे रखा। अनुपम खेर के शो में विद्या ने बताया था कि हर फिल्म से निकाले जाने पर वो पास के साईं बाबा के मंदिर जातीं और फूट-फूट कर रोतीं।

हालांकि उनके मन में विश्वास था कि देर से ही, पर काम जरूर मिलेगा।परिवार वाले भी उनके इस दुख से अछूते नहीं रहे। जो मां नहीं चाहती थी कि बेटी फिल्मों में काम करे, वो भी भगवान के सामने एक फिल्म में काम मिल जाने की गुहार लगा रही थीं।





