Deep Fake AI: अभिनेत्री सनी लियोनी ने हाल ही में रश्मिका मंदाना की वायरल क्लिप के महीनों बाद डीपफेक वीडियो के बारे में खुलकर बात की है। सनी ने इसे लेकर कहा कि ऐसा पहला भी हो चुका है। अभिनेत्री ने कहा कि भले ही कोई इसे लेकर बहुत ज्यादा सावधानियां नहीं बरत सकता, लेकिन ऐसी घटनाएं होने पर कोई हमेशा शिकायत दर्ज कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह एक खतरा है, जो लंबे वक्त से चला आ रहा है।

सनी लियोनी ने अपने साथ हुई इस तरह की घटना के बारे में बात करते हुए कहा, ‘यह कोई हालिया मुद्दा नहीं है, जैसा कि कई लोग मानते हैं। ये चीजें मेरे साथ हुई हैं लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचती हूं। मैं इसे मनोवैज्ञानिक या मानसिक रूप से प्रभावित नहीं होने देती हूं। मगर कुछ युवा लड़कियां भी होती हैं, जिन्हें कभी-कभी कलंक का सामना करना पड़ता है। उन्हें समझना चाहिए कि यह उनकी गलती नहीं है। उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।’
उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसा कुछ होता है, तो वे हमेशा साइबर सेल में जा सकती हैं और अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दे सकती हैं। उन्हें बताएं कि आपकी पहचान और समानता का दुरुपयोग किया गया है। पुलिस इसपर कार्रवाई करेगी। यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी तकनीकी सहायता उपलब्ध हैं, जहां आप इन मुद्दों की रिपोर्ट कर सकते हैं। सिस्टम आपके साथ है, आपको बस इसे करने की जरूरत है।’

सनी लियोनी का यह बयान रश्मिका मंदाना डीपफेक वीडियो के वायरल होने के महीनों बाद आया है। वायरल क्लिप में, रश्मिका के चेहरे वाली महिला को एक फिट पोशाक पहने हुए लिफ्ट में चढ़ते देखा गया था। हालांकि, यह जल्दी स्पष्ट हो गया कि वायरल क्लिप डीपफेक थी। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा भी माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जाकर कानूनी कार्रवाई की मांग करने के बाद इसने सभी का ध्यान खींचा था।

रश्मिका मंदाना डीपफेक वीडियो मामले के बाद कई सितारों ने भी इसे लेकर चिंता व्यक्त की थी, जिसमें विजय देवरकोंडा, नागा चैतन्य और मृणाल ठाकुर सहित कई मशहूर हस्तियां शामिल हैं। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 465 (जालसाजी) और 469 (प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जालसाजी) और सूचना प्रौद्योगिकी की धारा 66 सी और 66 ई के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।





