इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ बॉलीवुड और टीवी जगत से भी प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मंच पर टिप्पणी और मजाक किया। इस दौरान पीएम मोदी के भाषण, अंग्रेजी बोलने के अंदाज, विदेश नीति और दूसरे नेताओं से गले मिलने को लेकर भी कटाक्ष किए गए।
वीडियो सामने आने के बाद ‘रामायण’ में लक्ष्मण की भूमिका निभा चुके अभिनेता सुनील लहरी ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि राजनीतिक मंचों पर किसी भी पद की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इस तरह की टिप्पणियां देश के राजनीतिक संवाद के स्तर और सार्वजनिक जीवन में मर्यादा को लेकर सवाल खड़े करती हैं।
मातृभाषा को लेकर भी उठाया सवाल
सुनील लहरी ने अपनी प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री के हिंदी या मातृभाषा में भाषण देने का मजाक बनाए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी महज एक भाषा है और दुनिया के कई देशों के नेता अपनी मातृभाषा में ही सार्वजनिक संबोधन करते हैं। उनके अनुसार, किसी व्यक्ति के अंग्रेजी में न बोलने को उसकी शिक्षा से जोड़ना उचित नहीं है।
‘हग डिप्लोमेसी’ पर भी बोले
लहरी ने प्रधानमंत्री के दूसरे देशों के नेताओं से गले मिलने की शैली पर की गई टिप्पणी का भी विरोध किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में अभिवादन और गले मिलने की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि इसे मजाक का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने उस घटना का भी उल्लेख किया जिसमें पीएम मोदी ने एक बुजुर्ग महिला को कुर्सी देने की पेशकश की थी।
इसी संदर्भ में सुनील लहरी ने सवाल किया कि क्या देश की भाषा, परंपराओं और संस्कृति की जानकारी को लेकर ऐसे सवाल उठाने वाले नेतृत्व को देश की बागडोर सौंपी जानी चाहिए। उनकी यह टिप्पणी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, यह सुनील लहरी की व्यक्तिगत राजनीतिक प्रतिक्रिया है। वहीं राहुल गांधी की टिप्पणियां मुख्य रूप से सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर उनके राजनीतिक कटाक्ष के संदर्भ में थीं।






