करीना कपूर खान की जिंदगी में ग्लैमर, स्टारडम और फिल्मी विरासत की कोई कमी नहीं रही, लेकिन अपनी पढ़ाई को लेकर उनके मन में आज भी एक कसक है। हाल ही में एक बातचीत में करीना ने खुद बताया कि उन्होंने क्लास 11 के बाद पढ़ाई आगे नहीं बढ़ाई, क्योंकि फिल्मों में करियर बनाने का फैसला कर लिया था। वह मानती हैं कि शिक्षा पूरी न कर पाना ऐसी चीज है जिसका उन्हें आज भी अफसोस है।
क्लास 11 के बाद फिल्मों की राह पकड़ी

करीना ने बताया कि उनके पास पढ़ाई जारी रखने का मौका था, लेकिन उस वक्त एक्टिंग उनके लिए सबसे बड़ा जुनून बन चुकी थी। वह फिल्मों में खुद को साबित करना चाहती थीं और इसी वजह से उन्होंने पढ़ाई छोड़कर अपने दिल की सुनी। बाद में ‘रिफ्यूजी’ से बॉलीवुड डेब्यू करने वाली करीना ने इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई।
शादी के बाद जुड़ा पढ़े-लिखे परिवार से रिश्ता
करीना ने अभिनेता सैफ अली खान से शादी की और अब वह दो बेटों तैमूर और जहांगीर की मां हैं। अपनी अधूरी पढ़ाई का अनुभव शायद यही वजह है कि वह अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर काफी सजग नजर आती हैं। करीना ने साफ कहा है कि वह चाहती हैं कि उनके बेटे पहले अपनी पढ़ाई पूरी करें और उसके बाद अपने दिल की सुनें।

बच्चों से नहीं दोहराना चाहती अपनी गलती
करीना के मुताबिक, उन्होंने अपनी जिंदगी में जो फैसला लिया, वह उनके लिए सही साबित हुआ, लेकिन शिक्षा अधूरी छोड़ने का मलाल कहीं न कहीं बना रहा। इसलिए वह तैमूर और जेह को पढ़ाई पूरी करने के लिए प्रेरित करती हैं। उनकी पैरेंटिंग सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है। वह बच्चों को सम्मान, बराबरी और जिंदगी की वास्तविकताओं के बारे में भी समझाने पर जोर देती हैं।

दिलचस्प बात यह है कि करीना ने बच्चों के साथ पढ़ने की अपनी दिनचर्या भी साझा की है। उन्होंने बताया था कि परिवार साथ बैठकर किताबें पढ़ता है और तैमूर के साथ सोने से पहले पढ़ने की आदत भी रही है।
आज करीना खुद बॉलीवुड की कामयाब अभिनेत्रियों में शामिल हैं, लेकिन अपने बच्चों के लिए उनका संदेश बिल्कुल साफ है—**पहले पढ़ाई पूरी करो, फिर अपने सपनों के पीछे दौड़ो।**






