एसिड अटैक से पीड़ित साहसी नेत्रहीन कैफी ने टॉप करके हतिहास रच दिया. आइये इनकी संघर्ष और सफलता की कहानी को विस्तार से जानते हैं.
Life Success Story: आपने बहुत सारे टॉपर्स की सक्सेस स्टोरी पढ़ी और सुनी होगी. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी टॉपर लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी कहानी पढ़कर आप न सिर्फ प्रेरित होंगे बल्कि उसकी साहस और संघर्ष को देखकर जिंदगी के असल मायने समझ पाएंगे. कहानी चंडीगढ़ के इंस्टीट्यूट ऑफ ब्लाइंड में पढ़ने वाली एक 15 साल की लड़की सर्वाइवर कैफी की है. कैफी ने सीबीएसई दसवीं बोर्ड एग्जाम 2023 में टॉप किया था. इन्होंने दसवीं में 95.2 प्रतिशत अंक हासिल किया था. आइये टॉपर कैफी की संघर्ष और सफलता की कहानी को विस्तार से जानते हैं.

कैसे हुआ था एसिड अटैक?
कैफी जब तीन साल की थी, तब उन पर एसिड अटैक किया गया था. पड़ोस में रहने वाले टोटल 3 दरिंदों ने उन पर बहुत बेरहमी से एसिड अटैक किया था, जिसके दौरान उनकी आंखों की रौशनी चली गई थी. हालांकि, उनकी जान भी बहुत मुश्किल से बच पाई थी. आखों के साथ-साथ उनका चेहरा भी पूरी तरह झुलस गया. इस घटना को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया गया था. लेकिन सिर्फ दो साल बाद उन्हें छोड़ दिया गया था. इस वजह से कैफी की पीड़ा में और ज्यादा इजाफा हुआ, वे शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी प्रभावित हुई थी.
बुरे वक्त में भी हार न मानना कैफी ने सिखाया

घटना के वक्त कैफी का परिवार हिसार में रहा करता था. कैफी के पिता हरियाणा सचिवालय में चपरासी की नौकरी करते हैं. इस घटना के बावजूद भी उनके पिता ने कैफी को पढ़ाने लिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ा. सिर्फ पिता ही नहीं बल्कि खुद कैफी भी चट्टान की तरह खड़ी रहीं और आगे बढ़ती रहीं. उसने बदतर से बदतर स्थिति का सामना किया लेकिन हौसला टस से मस नहीं होने दिया. इसी का परिणाम है कि आज कैफी ने इतना बड़ा मुकाम हासिल किया है. उन्होंने यह साबित कर दिया कि हर हाल में हर स्थिति में बेहतर किया जा सकता है. कैफी का सपना है कि वो एक दिन आईएएस बनेगी.





