Sholay Film: बड़ पर्दे की ब्लॉक बस्टर फिल्म शोले (Sholay film) भला किसने नहीं देखी है. दशकों बाद भी इस फिल्म के किरदार और डायलॉग्स लोगों को बकायदे याद हैं. वहीं 45 साल बाद भी शोले फिल्म का जिक्र आते ही गब्बर सिंह का नाम अपने आप सभी की जुंबा पर आ जाता है. खलनायक के रूप में भी गब्बर का किरदार लोगों में काफी लोकप्रिय हुआ था. मगर क्या आप जानते हैं फिल्म इंडस्ट्री के नए कलाकार अमजद खान को गब्बर का रोल कैसे मिला था.
आपको जानकर हैरानी होगी कि फिल्म के लीड हीरो धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन भी गब्बर का रोल करने के लिए तैयार थे. खासतौर पर धर्मेंद्र ने फिल्म के डायरेक्टर रमेश सिप्पी और लेखक सलीम जावेद से गब्बर बनने की गुहार लगाई थी. मगर रमेश सिप्पी ने पहले ही जय और वीरु के किरदार के लिए धर्मेंद्र और अमिताभ का नाम फाइनल कर दिया था. जिसके चलते धर्मेंद्र को फिल्म में उनका मनचाहा रोल नहीं मिल सका.

हालांकि अब सवाल ये था कि गब्बर किसको बनाया जायगा. ऐसे में रमेश सिप्पी ने उस दौर के मशहूर विलन डैनी से संपर्क किया. मगर कछ कारणों से डैनी ने फिल्म को करने से मना कर दिया. जिसके बाद सलीम जावेद की नजर अमजद खान पर पड़. इंडस्ट्री में नए आए अमजद खान देखने में काफी दुबले-पतले और धीमी आवाज वाली शख्सियत थे. जिसके चलते रमेश सिप्पी ने उनके देखते ही रिजेक्ट कर दिया. मगर अमजद इतनी आसानी से हार मानने वालों में से नहीं थे. लिहाजा उन्होंने डायरेक्टर को एक मौका देने की सिफारिश की और रमेश सिप्पी ने अमजद खान को गब्बर बनने के लिए एक महीने का वक्त दिया.

इस एक महीने में अमजद खान ने खुद को गब्बर के किरदार में इस कदर ढाला कि उनका किरदार हमेशा के लिए अमर हो गया. एक महीने बाद जब अमजद सेट पर लौटे तो सभी उन्हें देखकर हैरान रह गए. पहले ही अपेक्षा अमजद स्वास्थय दिख रहे थे और उनकी आवाज में भी काफी भारीपन आ गया था. जिसके बाद रमेश सिप्पी भी अमजद को गब्बर का रोल देने से मना नहीं कर पाए.
वहीं 1975 में फिल्म की रिलीजिंग के बाद इंडस्ट्री का एक मामूली कलाकार कहे जाने वाले अमजद खान किसी पहचान के मोहताज नहीं रह गए. गब्बर सिंह के नाम की गूंज देश के हर घर में सुनने के मिलने लगी. वहीं 45 साल बाद भी गब्बर सिंह को हर कोई जानता है.
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