
सुब्रत रॉय ने कंपनी वांटेड, नो एंट्री और डोर जैसी कई फिल्मों को प्रोड्यूस किया है। फिल्म इंडस्ट्री से उनका गहरा ताल्लुक रहा है। ऐसे में कई सितारों ने उनके निधन पर शोक जताया ह।
Subrata Roy Demise : बिजनेसमैन और सहारा इंडिया फैमिली के फाउंडर सुब्रत रॉय का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके निधन की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है। वे लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे जो कि उनकी पूरी बॉडी में फैल गया। इसके अलावा सहारा श्री ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के भी शिकार थे।
12 नवंबर को उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई जिसके बाद उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया और 14 नवंबर को रात 10:30 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली।
सुब्रत रॉय सहारा वन मोशन पिक्चर्स के फाउंडर थे। उन्होंने कंपनी वांटेड, नो एंट्री और डोर जैसी कई बॉलीवुड फिल्मों को प्रोड्यूस किया है। फिल्म इंडस्ट्री से उनका गहरा ताल्लुक रहा है। ऐसे में बॉलीवुड के कई सितारों ने उनके निधन पर शोक जताया है। मनीषा कोइराला, बोनी कपूर समेत कई दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
The man who never given up during his struggle life. #RIP DEAR SIR 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 #sahara #subrataroy #SubrataRoySahara pic.twitter.com/lZtNjoh9Ni
— Manisha Koirala (@mkoirala) November 15, 2023
कई दिग्गज पहुंचे अस्पताल
निर्माता बोनी कपूर, संदीप सिंह, स्क्रिप्ट राइटर मुश्ताक शेख और एक्ट्रेस राय लक्ष्मी ने भी सुब्रत रॉय के निधन के बाद कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल और मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इन फिल्मों को प्रोड्यूस कर चुके हैं सहाराश्री
बता दें कि सुब्रत रॉय ने सहारा वन मोशन पिक्चर्स के बैनर तले वॉन्टेड, नो एंट्री, कंपनी, दिल मांगे मोर, कार्पोरेट, मालामाल वीकली, जो बोले सो निहाल, डरना जरूरी है, कच्चा नींबू, डोर और रन जैसी फिल्म को प्रोड्यूस किया है।
बिजनेस की दुनिया में बड़ा नाम है सुब्रत रॉय!
बिजनेस की दुनिया में सुब्रत रॉय वो नाम थे जो देश-विदेश में खुद की कई कंपनियां चलाते थे। सहारा ग्रुप के तहत सहारा वन मोशन पिक्चर्स के अलावा सहारा टीवी, जिसे बाद में सहारा वन नाम दिया गया, और हिंदी भाषा के समाचार पत्र राष्ट्रीय सहारा जैसी इंडस्ट्रीज चलाई जाती हैं।
सेबी से विवाद पड़ा भारी
करीब एक दशक पूर्व रेलवे के बाद सबसे ज्यादा नौकरियां देने वाले सुब्रत राय के सहारा समूह का पतन सेबी के साथ हुए विवाद से शुरू हुआ। सेबी ने सहारा की कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन में जमा निवेशकों की रकम को नियमविरुद्ध तरीके से दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर करने पर आपत्ति जताते हुए करीब 24 हजार करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश दिया था। बाद में, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए कई महीने तक सुब्रत राय को जेल में रखा। समूह की संपत्तियां बेचने पर रोक लगा दी। मई, 2016 में मां की मौत के बाद उन्हें जमानत मिली और अब तक वह इस मामले में जमानत पर ही थे।




