नीम करोली बाबा की पत्नी कौन थीं? संत बनने के बाद क्या हुआ उनका, जानिए बाबा की जिंदगी का अनसुना अध्याय
नीम करोली बाबा का नाम आज देश ही नहीं, दुनियाभर में आध्यात्मिकता और सेवा के लिए जाना जाता है। ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्म के बाद उनके जीवन से जुड़े कई अनसुने पहलू एक बार फिर चर्चा में हैं। इनमें उनकी शादी और पारिवारिक जीवन की कहानी भी काफी दिलचस्प है।
11 साल की उम्र में हुई थी शादी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीम करोली बाबा का जन्म लक्ष्मण नारायण शर्मा के रूप में हुआ था और उनकी शादी काफी कम उम्र में रामबेटी से हुई थी। कुछ जीवनी स्रोतों में उनकी पत्नी का नाम रामबेटी शर्मा बताया गया है।

कहा जाता है कि कम उम्र से ही उनका मन सांसारिक जीवन में ज्यादा नहीं लगता था। उन्होंने घर छोड़कर साधु जीवन अपना लिया। हालांकि, पिता के आग्रह पर वह वापस लौटे और कुछ समय तक गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियां निभाईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके दो बेटे और एक बेटी हुए।
परिवार छोड़कर नहीं, जिम्मेदारी निभाकर बढ़े आध्यात्मिक राह पर

नीम करोली बाबा की जिंदगी का यह पहलू इसलिए खास है क्योंकि उनका आध्यात्मिक सफर सीधे गृहस्थ जीवन से जुड़ा था। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ा, बल्कि उन्हें निभाने के बाद अपनी आध्यात्मिक यात्रा को आगे बढ़ाया।
हालांकि, उनकी पत्नी रामबेटी के बाद के जीवन के बारे में विश्वसनीय और विस्तृत सार्वजनिक जानकारी बेहद सीमित है। सोशल मीडिया और कई वेबसाइटों पर अलग-अलग दावे मिलते हैं, लेकिन उनके जीवन की पूरी कहानी की पुष्टि करने वाले मजबूत प्राथमिक स्रोत आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
आज भी कायम है बाबा की विरासत
11 सितंबर 1973 को वृंदावन में बाबा ने देह त्यागी। आज कैंची धाम उनकी आध्यात्मिक विरासत का प्रमुख केंद्र है। प्रेम, सेवा, भक्ति और सादगी की उनकी सीख आज भी लाखों लोगों को प्रभावित करती है।

**यानी नीम करोली बाबा की कहानी सिर्फ एक संत की कहानी नहीं, बल्कि गृहस्थ जीवन, जिम्मेदारी और आध्यात्मिक खोज के अनोखे मेल की कहानी भी है।**






