नाना पाटेकर के फार्महाउस के बाहर उमड़ी फैंस की भीड़, उसी जमीन पर हुआ अंतिम संस्कार, भावुक हुए प्रशंसक
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है। 8 अक्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में अभिनेता के निधन के बाद प्रशंसक उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए पुणे के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस पर जुटे। जिस जमीन से नाना का गहरा जुड़ाव था, वहीं उन्होंने अपनी जिंदगी का आखिरी सफर पूरा किया।
फार्महाउस के बाहर अंतिम दर्शन के लिए जुटे लोग
नाना पाटेकर के अंतिम दर्शन के लिए उनके फार्महाउस ‘नानाची वाड़ी’ के बाहर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई प्रशंसक घंटों इंतजार करते रहे, ताकि अपने पसंदीदा अभिनेता को आखिरी बार देख सकें। माहौल गमगीन था और हर कोई अपने चहेते कलाकार को श्रद्धांजलि देने पहुंचा था। सोशल मीडिया पर भी अंतिम विदाई से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सामने आईं।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार गुरुवार देर रात पुणे के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर लाया गया। इस दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और 21 तोपों की सलामी भी दी गई। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। परिवार के सदस्यों के अलावा फिल्म जगत और राजनीतिक क्षेत्र की कई हस्तियां भी मौजूद रहीं।
किसानों के लिए भी खास थे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता के रूप में नहीं थी। वह किसानों की मदद और सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। साल 2015 में उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ नाम फाउंडेशन की स्थापना की थी। इस संस्था के जरिए महाराष्ट्र के संकटग्रस्त किसानों और ग्रामीण समुदायों की मदद की जाती है। यही वजह रही कि उनकी अंतिम विदाई में प्रशंसकों के साथ किसान भी शामिल हुए।
नाना पाटेकर के जाने से सिनेमा ने एक दमदार कलाकार खो दिया है। उनके अभिनय, सादगी और समाज के प्रति योगदान को उनके प्रशंसक लंबे समय तक याद रखेंगे।






