नाना पाटेकर का नाम आते ही जेहन में एक ऐसे अभिनेता की तस्वीर उभरती है, जिसने पर्दे पर जितनी दमदार पहचान बनाई, निजी जिंदगी में उतनी ही सादगी बरती। 8 अक्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में गोवा स्थित अपने घर पर उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद अब उनकी जिंदगी से जुड़े घर और फार्महाउस भी चर्चा में हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर गोवा से पुणे लाया जाएगा और अंतिम दर्शन के बाद वहीं अंतिम विदाई दी जाएगी। यह वही जगह है, जिससे नाना का खास जुड़ाव रहा और जहां वह फिल्मी चमक-दमक से दूर खेती और ग्रामीण जीवन का आनंद लेते थे।

मीडिया रिपोर्ट्स में इस फार्महाउस का क्षेत्रफल करीब 27 एकड़ बताया गया है। यहां नाना धान, गेहूं, बाजरा, प्याज और लहसुन जैसी फसलें उगाते थे। फार्महाउस में लकड़ी का फर्नीचर, टेराकोटा फर्श, हरियाली और पशुओं के लिए जगह थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने यहां समय बिताया था और उनके आसपास कई गाय, बैल और कुत्ते रहते थे। यही वजह है कि यह फार्महाउस उनके लिए सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि सुकून की जगह था।

मुंबई में भी नाना का जीवन किसी बड़े स्टार की तरह नहीं रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अंधेरी के करीब 750 वर्ग फीट के 1BHK फ्लैट में अपनी मां के साथ रहे थे। यह घर उन्होंने दशकों पहले करीब 1.1 लाख रुपये में खरीदा था। मां के निधन के बाद भी वह मुंबई आने पर इसी घर में रहते थे।
इसके अलावा नाना का गोवा के डोना पाउला में भी घर था, जहां उन्होंने जिंदगी के आखिरी पल बिताए। उनके अलग-अलग घरों की कहानी बताती है कि करोड़ों की संपत्ति और स्टारडम के बावजूद नाना ने दिखावे के बजाय सादगी को प्राथमिकता दी। और जमीन से जुड़े रहे।






