हर रोज इंडिया.कॉम आपके लिए लेकर आता है यूपीएससी सक्सेस स्टोरी जिसे पढ़कर मोटिवेशन मिलता है. आज हम आपके लिए लेकर आएं हैं, मध्यप्रदेश के सारांश गुप्ता की.
UPSC Success Story: यूपीएससी की परीक्षा में हर साल लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं, लेकिन लाखों में से कुछ लोग ही होते हैं जो इस परीक्षा में पास होते हैं. हर किसी की सफलता की अपनी कहानी है. इन कहानियों को सुनकर कई लोग अपने जीवन को एक नया आयाम देते हैं. हर रोज इंडिया.कॉम आपके लिए लेकर आता है यूपीएससी (UPSC Success Story) सक्सेस स्टोरी जिसे पढ़कर मोटिवेशन मिलता है. आज हम आपके लिए लेकर आएं हैं, मध्यप्रदेश के सारांश गुप्ता की. सारांश गुप्ता ने 16 लाख रु वार्षिक पैकेज की नौकरी को ठोकर मार कर यूपीएससी एग्जाम देकर आईएएस बनकर सपना पूरा किया.
16 लाख का पैकेज ठुकरा कर की UPSC की तैयारी

सारांश गुप्ता बहुत कम उम्र के आईएएस बने हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, सारांश गुप्ता शिवपुरी के छोटे से कस्बे से आते हैं. उनके पिता पंचायत सचिव हैं. उनके बड़े भाई बहन बैंक में नौकरी करते हैं. सारांश गुप्ता ने एक इंटरव्यू में बताया कि घर में ही पढ़ाई-लिखाई का माहौल था.साथ ही इस दौरान परिवार का पूरा सपोर्ट भी मिला है. सारांश गुप्ता ने 12वीं पास करके जेईई एग्जाम दिया था, इस परीक्षा में वे पास हो गए. जेईई एडवांस्ड की परीक्षा पास कर आईआईटी बीएचयू में सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया.
पहले ही प्रयास में पास की यूपीएससी की परीक्षा
कैंपस प्लेसमेंट के दौरान सारांश गुप्ता को नौकरी मिलने लगी. उन्हें 16 लाख का पैकेज का ऑफर मिला.लेकिन उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने की सोची. इसलिए उन्होंने 16 लाख का पैकेज ठुकरा दिया. एक साल के अंदर पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली और आईईएस ऑफिसर बन गए. उन्हें यह सफलता महज 22 वर्ष की अवस्था में ही मिल गई. सारांश ने बताया कि यह उनकी पसंदीदा नौकरी है. उन्होंने कहा कि कई कंपनियों से नौकरी का ऑफर मिला था लेकिन देश की सेवा के लिए उन्होंने नौकरी ठुकरा दी.

आपको बता दें कि हाल में यूपीएससी ने ईएसई 2023 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया है जिसमें कुल 401 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र के लिए अनुशंसा की गई है. इनमें से 178 अभ्यर्थी सिविल इंजीनियरिंग से हैं.सारांश गुप्ता ऐसे जीनियस लोगों में आते हैं जो एक बार में परीक्षा निकाल लेते हैं. सारांश गुप्ता इतनी कम उम्र में सफलता पा ली थी.





