बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। राजनीति और अपने फिल्मी करियर को लेकर कंगना ने खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि वह अपनी पार्टी से अलग होने की कोशिश नहीं कर रही हैं, लेकिन अपनी बात रखने से पीछे भी नहीं हटेंगी।
'ऐसा नहीं है कि मैं अपनी पार्टी से ड्रिफ्ट होना चाह रही हूं'

कंगना ने कहा, “ऐसा नहीं है कि मैं अपनी पार्टी से कहीं ड्रिफ्ट होना चाह रही हूं। लेकिन जब बहुत ज्यादा शोर होता है, तो आपको भी चिल्लाना पड़ता है।” उन्होंने माना कि कई बार उनके बयान काफी तीखे हो जाते हैं, लेकिन इसके पीछे किसी तरह की सोची-समझी रणनीति नहीं होती।
'मैं कोई पपेट थोड़ी ना हूं'
अपने राजनीतिक रुख पर बात करते हुए कंगना ने कहा, “मैं कई बार तगड़े बयान दे देती हूं, पर मैं जानबूझकर ऐसा नहीं करना चाहती। मैं कोई पपेट थोड़ी ना हूं।” उन्होंने आगे कहा, “बीजेपी आज मेरे साथ है, कल हो या ना हो।” उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा तेज हो गई है।
'मेरा अस्तित्व खत्म हो जाएगा, ऐसा डर नहीं है'

कंगना ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात का डर नहीं है कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिला तो उनका करियर या अस्तित्व खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, “डर तो नहीं कह सकते उसको कि ये डर है मुझे कि टिकट नहीं मिला या मेरा अस्तित्व खत्म हो जाएगा।”
'मैं एक एक्ट्रेस हूं, फिल्ममेकर हूं, राइटर हूं'
कंगना ने अपनी पहचान को सिर्फ राजनीति तक सीमित रखने से इनकार किया। उन्होंने कहा, “मैं एक एक्ट्रेस हूं, फिल्ममेकर हूं, राइटर हूं और मुझे अपने काम से बहुत प्यार है।” उनके मुताबिक, राजनीति के अलावा भी उनकी जिंदगी में कई ऐसे रास्ते हैं, जहां वह अपने हुनर का इस्तेमाल कर सकती हैं।

'मैं कई डायरेक्टर्स की पसंदीदा एक्ट्रेस हूं'
अपने फिल्मी करियर को लेकर कंगना ने आत्मविश्वास के साथ कहा, “मैं कई डायरेक्टर्स के लिए एक बहुत पसंदीदा एक्ट्रेस हूं। उनमें से कई बस इंतजार कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि जिंदगी में करने के लिए बहुत कुछ है। उनके इस बयान से साफ है कि राजनीति के साथ-साथ फिल्मों को लेकर भी उनका जुनून बरकरार है।
कंगना के इन बयानों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आने वाले समय में वह राजनीति और सिनेमा के बीच किस तरह संतुलन बनाएंगी। हालांकि, अभिनेत्री ने अपने शब्दों से यह जरूर स्पष्ट कर दिया कि वह अपनी पहचान और विचारों को लेकर समझौता करने के मूड में नहीं हैं।





