किसी भी फिल्म में कास्टिंग डायरेक्टर का रोल बड़ा ही महत्वपूर्ण होता है। वह ही एक्टर और एक्ट्रेस को कास्ट करते हैं और उन्हीं के कारण फिल्म हिट या फ्लाॅप होती है। इस स्किल में बाॅलीवुड में मुकेश छाबड़ा काफी माहिर हैं। वें बाॅलीवुड के सर्वश्रेष्ठ कास्टिंग डायरेक्टर में से एक है। हाल ही में उनका एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने कई बड़े खुलासे किए हैं।
हर निर्देशक का तरीका अलग-अलग होता है
मुकेश छाबड़ा ने अपने इंटरव्यू में कांस्टिग को लेकर कहा कि बहुत ही मुश्किल होता है। हर निर्देशक अलग अलग तरीके से सोचता है। उसके तरीके से सोच कर किरदार का चयन करना बहुत मुश्किल होता है। जैसे कि राजकुमार हिरानी की बात करें, उनकी सोच बहुत अलग होती है। उनकी जगह पर जाकर सोचना पड़ता कि उनको किस तरह के लोग पसंद आएंगे। फिल्म में किस तरह का एक्टिंग स्टाइल होना चाहिए, जैसी तमाम बातों को ध्यान देना पड़ता है। कभी-कभी बड़े स्टार का भी अपना सुझाव होता है उस पर भी ध्यान देना पड़ता है।

उन्होंने आगे कहा कि जब किसी कलाकार से बात होती है तो बातचीत के दौरान ही पता चल जाता है कि अभिनय के प्रति कौन कितना सीरियस है। मैं हर साल एक वर्कशॉप का भी आयोजन करता हूं जिसमें बहुत सारे आर्टिस्ट शामिल होते हैं। उसी दौरान समझ में आ जाता है कि एक्टिंग के प्रति कौन कितना सीरियस है। वैसे तो हर साल वर्कशॉप में शामिल होने के लिए बहुत सारे लोग आवेदन करते हैं, लेकिन इस वर्कशॉप में म सिर्फ 65 लोगों को ही शामिल कर पाते हैं, जिन पर ध्यान दिया जा सके।
पांच लाख कलाकारों का डाटा है
मुकेश छाबड़ा ने अपने कास्टिंग को लेकर कहा कि कम से कम पांच लाख कलाकारों का डाटा मेरे पास है। हर दिन कम से कम पांच हजार लोग तो आते ही हैं। अच्छा भी लगता है और बुरा भी लगता है। बुरा इसलिए लगता है कि इतने सारे लोग लोग बहुत सारी उम्मीदें लेकर आते हैं। और, हम सबकी उम्मीदों को हम लोग पूरा नहीं कर सकते हैं। अच्छा इसलिए लगता है कि उसमे से कुछ लोग बन जाते हैं। और बहुत सारे बड़े स्टार बने भी है।





