दीया मिर्जा बाॅलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री है। उन्होंने कई बाॅलीवुड फिल्मों में अपनी एक्टिंग से सभी को काफी प्रभावित किया है। लेकिन दीया को इंडस्ट्री में जगह बनाने में काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा है। उन्होंने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि उन्हें कई बार एक पेड़ के पीछे कपड़े बदलने पड़े थे जबकि कई बार उन्हें जेंडर भेदभाव का भी सामना करना पड़ा था। आईये जानते है इस किस्से के बारे में।
पेड़ के पीछे बदलने पड़े कपडे
दिया ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया है कि जब वे इंडस्ट्री में आई थीं, तब एक्टर्स की संख्या ज्यादा थी। इस कारण भेदभाव बड़े स्तर पर होता ही था। उन्होंने यह भी बताया है कि आउटडोर शूट के वक्त एक्ट्रेसेस को वैनिटी वैन की सुविधा भी नहीं दी जाती थी। उन्हें कपड़े पेड़ या पत्थर के पीछे बदलने पड़ते थे। कई कलाकारों के लिए जूनियर आर्टिस्ट साड़ी और चादर का घेरा बनाते थे, जिसमें वे लोग कपड़े चेंज करते थे।

एक्ट्रेसेस के लिए अलग से बाथरूम तक की कोई व्यवस्था नहीं रहती थी।दीया मिर्जा ने कहा- जब मैंने फिल्मों में कदम रखा था, जब सेट पर बहुत कम महिलाएं काम करती थीं। इस कारण हर मोड़ पर भेदभाव का एहसास होता था। हमें हर तरह से अलग ट्रीट किया जाता था।
हमारी वैनिटी वैन छोटी होती थी

मेल एक्टर्स की वैनिटी वैन की तुलना में हमारी वैन की साइज छोटी होती थी। जब हन गाना शूट करने के आउटडोर जाते थे, तब कपड़े बदलने के लिए प्रॉपर सुविधा नहीं रहती थी। बाथरूम का इंतजाम भी नहीं होता था।दिया ने यह भी बताया कि अगर वे या कोई भी एक्ट्रेस सेट पर लेट आती थीं, तो उन्हें अनप्रोफेशनल का टैग मिल जाता था। मगर वहीं मेल एक्टर पर यह चीज लागू नहीं होती थी। उनके लेट आने पर किसी को कोई दिक्कत होती थी।





