कार्तिक आर्यन बाॅलीवुड के जाने माने अभिनेता है ।वें अपने लुक्स के काफी चर्चा में रहते हैं। कार्तिक आर्यन मप्र के ग्वालियर के रहने वाले है। उन्होंने एक छोटे शहर से जाकर इतना बड़ा मुकाम हासिल किया है। उनके लिए यह सबकुछ आसान नहीं रहा है। हाल ही में कार्तिक आर्यन ने अपने संघर्ष के बारे में कुछ खुलासे किए थे और बताया कि किस तरह से उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई है।
घरवालों से छुपकर करते थे फिल्म
कार्तिक आर्यन ने अपने घरवालों से अपने एक्टर बनने का सपना छिपाने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लिया था। उन्होंने नवी मुंबई के एक कॉलेज में एडमिशन लिया था, लेकिन कार्तिक के अंदर एक्टर बनने का जुनून था और यही वजह रही कि कॉलेज के टाइम पर ही उन्होंने मॉडलिंग करनी शुरू कर दी थी। बस यहीं से कार्तिक का स्ट्रग्लिंग पीरियड शुरू हो गया था। अभिनेता ने खुद अपने स्ट्रगल के दिनों के बारे में बताया था।

कार्तिक आर्यन ने खुलासा किया था कि चाहे आज उनके पास फिल्मों की लाइन लगी रहती हो, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उन्हें छोटे-मोटे ऑडिशंस तक में रिजेक्ट कर दिया जाता था। कार्तिक के अनुसार जब वह मुंबई फिल्मों में काम की तलाश के लिए निकले तब सब कुछ बहुत अलग था। कार्तिक के अनुसार, उनके पास पैसे नहीं हुआ करते थे और वह अक्सर नवी मुंबई से मुंबई तक लोकल ट्रेन में बिना टिकट सफर किया करते थे। यही नहीं स्ट्रगल के दिनों में कार्तिक लगभग 12 लोगों के साथ रूम शेयर करके रहते थे।
2011 में मिली पहली फिल्म
अपने शुरुआती दिनों में कार्तिक आर्यन ने किसी डियोड्रेंट के लिए ऑडिशन दिया था, जिसमें उन्हें रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था। दरअसल, कार्तिक आर्यन को इस डियोड्रेंट के ऑडिशन के लिए अंदर भी नहीं जाने दिया था, उन्हें बाहर से देखकर ही रिजेक्ट कर दिया गया था। कार्तिक को तीन साल तक चले ये रिजेक्शन बुरे लगते थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और प्रयास जारी रखे।

कड़ी मेहनत-मशक्कत के बाद कार्तिक को साल 2011 में एक्टिंग का मौका मिला और उन्होंने ‘प्यार का पंचनामा’ फिल्म में अपनी एक्टिंग का दमखम दिखाया और सभी की नज़रों में आ गए। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस समय भी कार्तिक के पास कई फिल्में हैं, जिनमें ‘फ्रेडी’ और ‘शहजादा’ का नाम शामिल है।





