प्रवीण तरडे का बॉलीवुड पर तंज, नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में क्यों नहीं पहुंचे परफ्यूम लगाने वाले सितारे?
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारों की गैरमौजूदगी को लेकर बहस छिड़ गई है। अब मराठी अभिनेता और फिल्ममेकर प्रवीण तरडे ने इस मुद्दे पर खुलकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने बॉलीवुड के सितारों पर तंज कसते हुए कहा कि नाना पाटेकर का कद बॉलीवुड से कहीं बड़ा था। उनका यह बयान अब चर्चा में है।
‘परफ्यूम लगाने वाले सितारों से ज्यादा अहम किसान’
प्रवीण तरडे ने एबीपी माझा के कार्यक्रम ‘कॉफी विद कौशिक’ में बातचीत के दौरान कहा कि नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में बॉलीवुड के कलाकारों का नहीं पहुंचना दुखद था। हालांकि, इससे नाना की महानता कम नहीं होती। उन्होंने कहा कि नाना की अंतिम यात्रा में हजारों किसान पहुंचे थे, जिनके शरीर से पसीने और मिट्टी की खुशबू आती थी। तरडे के मुताबिक, ऐसे किसान बॉलीवुड में परफ्यूम लगाकर घूमने वाले किसी भी सितारे से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। <Link url="https://marathi.abplive.com/entertainment/nana-patekar-funeral-pravin-tarde-reaction-slam-bollywood-celebrity-says-nana-was-bigger-than-bollywood-pune-marathi-actor-news-1441928" title="रिपोर्ट पढ़ें"/>
‘नाना खुद को किसान कहते थे’
प्रवीण तरडे ने नाना पाटेकर के किसानों से गहरे जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नाना ने कभी खुद को सिर्फ बॉलीवुड का हिस्सा नहीं माना, बल्कि वह हमेशा खुद को किसान बताते थे। तरडे के अनुसार, धुले से आया एक किसान भी बॉलीवुड के बड़े हीरो से ज्यादा अहमियत रखता है। नाना की पहचान केवल उनकी फिल्मों तक सीमित नहीं थी, बल्कि किसानों के लिए किए गए उनके सामाजिक कार्य भी उनकी विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
दोस्तों की गैरमौजूदगी से आहत हुए तरडे
तरडे ने यह भी कहा कि अगर कोई नाना को अपना दोस्त मानता था, तो उसे अंतिम विदाई देने जरूर पहुंचना चाहिए था। उन्होंने मुंबई में छोटे कलाकारों के निधन पर जुटने वाली भीड़ का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि नाना जैसे दिग्गज के अंतिम संस्कार में अधिक बॉलीवुड सितारे क्यों नहीं पहुंचे। हालांकि, अंतिम संस्कार में जैकी श्रॉफ और सुरेश वाडकर समेत कुछ हस्तियां मौजूद थीं। प्रवीण तरडे के बयान ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि फिल्म इंडस्ट्री में रिश्तों की अहमियत कितनी है।






