पूजा बेदी का सवाल- ‘तुमने तानाशाही को वोट दिया था?’ बोलीं- भारत BJP से पहले भी था, आगे भी रहेगा
बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा बेदी एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी है। पूजा ने बीजेपी की आलोचना को देशविरोधी बताने वाली सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत बीजेपी से पहले भी था और इस पार्टी के बाद भी रहेगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों की हिरासत को लेकर बहस जारी है।
पूजा बेदी ने वीडियो शेयर कर उठाए सवाल
नवभारत टाइम्स और इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पूजा बेदी ने 17 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने नागरिकों से लोकतंत्र के समर्थन में आवाज उठाने और सरकार से जवाबदेही मांगने की अपील की। उन्होंने अपने संदेश में कॉकरोच जनता पार्टी का भी समर्थन किया।
पूजा ने अपने बयान में कहा कि बीजेपी के खिलाफ बोलने का मतलब देश के खिलाफ बोलना नहीं है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में नागरिकों को अपनी राय रखने, असहमति जताने और सरकार से सवाल पूछने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं की हिरासत पर भी सवाल उठाए और पूछा कि अगर लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, तो उन्हें ऐसा करने से क्यों रोका जाना चाहिए?
‘क्या तुमने तानाशाही के लिए वोट दिया था?’
पूजा बेदी ने अपने वीडियो में लोगों से सवाल किया कि क्या उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोट दिया था या तानाशाही के लिए? उन्होंने कहा कि तानाशाही में नागरिकों के अधिकार सीमित हो जाते हैं और उनकी आवाज दबाई जाती है। अभिनेत्री ने लोगों से चुप्पी तोड़ने और देश के भविष्य को लेकर अपनी जिम्मेदारी समझने की अपील भी की।
उन्होंने युवाओं के अधिकारों और देश के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों को अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए बोलना चाहिए। उनका संदेश सरकार से सवाल पूछने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने पर केंद्रित रहा।
सोशल मीडिया पर चर्चा में आया बयान
पूजा बेदी की इस टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। उनका बयान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विरोध प्रदर्शन और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों को सामने लाता है। हालांकि, उनके विचारों से सहमति या असहमति जताना लोगों का अपना नजरिया है।
गौरतलब है कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना, शांतिपूर्ण विरोध और नागरिक अधिकारों को लेकर बहस लगातार होती रहती है। पूजा बेदी ने अपने इस संदेश के जरिए लोगों से अपील की है कि वे देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जागरूक रहें और अपनी आवाज उठाने से पीछे न हटें।






