बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा को लेकर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैल रही कथित फर्जी और भ्रामक खबरों के खिलाफ अब सख्त कदम उठाया गया है। अभिनेता की ओर से एक पब्लिक नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है कि उनकी पहचान, आवाज और तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में ₹100 करोड़ तक के मानहानि केस की धमकी ने इसे और चर्चा में ला दिया है।

AI और डीपफेक कंटेंट पर एक्शन
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटिस में खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से तैयार किए गए कंटेंट का जिक्र किया गया है। इसमें AI-generated तस्वीरें, वीडियो, ऑडियो, मॉर्फ्ड इमेज, डीपफेक और दूसरे सिंथेटिक कंटेंट शामिल हैं।
नोटिस के जरिए यह स्पष्ट किया गया है कि गोविंदा ने किसी भी व्यक्ति या संस्था को उनकी आवाज, तस्वीर, पहचान अथवा निजी और पारिवारिक जानकारी को डिजिटल तकनीक के जरिए इस्तेमाल, बदलने या नया कंटेंट बनाने की अनुमति नहीं दी है।
फर्जी खबरें फैलाने वालों को चेतावनी

आज के दौर में सोशल मीडिया पर किसी सेलिब्रिटी की तस्वीर या आवाज के साथ छेड़छाड़ करके कंटेंट तैयार करना बेहद आसान हो गया है। ऐसे में गोविंदा की ओर से जारी यह नोटिस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी पहचान और निजी जानकारी के कथित दुरुपयोग को लेकर सख्त संदेश देता है।
नोटिस में कथित तौर पर उन लोगों को चेतावनी दी गई है जो अभिनेता से जुड़ी गलत, झूठी या भ्रामक जानकारी प्रकाशित या प्रसारित कर रहे हैं। इसके अलावा उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट को लेकर भी कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।
₹100 करोड़ तक पहुंच सकता है मामला
गोविंदा की ओर से कथित तौर पर ₹100 करोड़ तक के मानहानि दावे की चेतावनी दी गई है। इसका मतलब साफ है कि अभिनेता अपने नाम और छवि के कथित गलत इस्तेमाल को हल्के में लेने के मूड में नहीं हैं।
AI और डीपफेक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह मामला खास महत्व रखता है। सेलिब्रिटीज की तस्वीर, आवाज और पहचान का इस्तेमाल कर तैयार किया गया फर्जी कंटेंट तेजी से वायरल हो सकता है और उससे उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है।

गोविंदा के इस कदम से अब उन सोशल मीडिया यूजर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच हलचल बढ़ सकती है, जो बिना पुष्टि के सेलिब्रिटी से जुड़ी खबरें या AI-generated कंटेंट शेयर करते हैं। अभिनेता की ओर से जारी चेतावनी ने साफ कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ अब कानूनी रास्ता अपनाया जा सकता है।






