चंद्रचूड़ सिंह के परिवार का पुश्तैनी संपत्ति विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। अलीगढ़ की करीब 156 साल पुरानी ‘जलालपुर एस्टेट’ हवेली और आसपास की करोड़ों की जमीन को लेकर अभिनेता और उनके भाई अभिमन्यु सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
156 साल पुरानी हवेली को लेकर विवाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलीगढ़ के जलालपुर में स्थित परिवार की ऐतिहासिक हवेली करीब 1870 की बताई जा रही है। सिंह परिवार की पैतृक जमीनें जलालपुर और आसपास के कई गांवों में फैली हुई हैं। परिवार के मुताबिक, लंबे समय से चल रहा यह विवाद चाचा गंगा सिंह की अक्टूबर 2025 में मौत के बाद और गहरा गया।

दादा की मौत से एक दिन पहले बनी कथित वसीयत
मामले का सबसे बड़ा आरोप कथित वसीयत को लेकर है। अभिमन्यु सिंह की शिकायत के अनुसार, उनके दादा हरेंद्र पाल सिंह का निधन 31 जनवरी 1997 को हुआ था, जबकि आरोप है कि इसके ठीक एक दिन पहले 30 जनवरी को एक अपंजीकृत वसीयत तैयार की गई। शिकायत में दावा किया गया है कि उस समय हरेंद्र पाल सिंह गंभीर रूप से बीमार और बिस्तर पर थे।
परिवार का आरोप है कि इस वसीयत के जरिए संपत्ति का बड़ा हिस्सा चाची गायत्री देवी, उनके बेटे जय सिंह और बेटी अंजनी सिंह के नाम किए जाने का दावा किया गया। शिकायत में वसीयत की प्रामाणिकता और उस पर किए गए हस्ताक्षरों पर भी सवाल उठाए गए हैं।

जमीन बेचने और रिकॉर्ड में हेरफेर का भी आरोप
अभिमन्यु सिंह का आरोप है कि कथित वसीयत के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण कराया गया और परिवार की कुछ जमीनें बेच दी गईं। शिकायत में राजस्व दस्तावेजों में कथित हेरफेर और इस पूरी प्रक्रिया में कई लोगों की भूमिका होने का आरोप लगाया गया है।
चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई का कहना है कि परिवार की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर पैतृक संपत्ति पर कब्जे की कोशिश की गई। इससे पहले भी अभिनेता इस मामले को लेकर अलीगढ़ के अधिकारियों से मिल चुके हैं और अपनी पुश्तैनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर चुके हैं।
चाची समेत 7 लोगों पर FIR

इस मामले में अभिमन्यु सिंह की शिकायत पर रोरावर थाने में सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नामजद आरोपियों में गायत्री देवी, जय सिंह, अंजनी सिंह, राबिन एकसन, संदीप कुमार सिंह, शिव कुमार और अधिवक्ता अजीत सिंह तोमर शामिल हैं। आरोपों में धोखाधड़ी, कथित कूटरचित दस्तावेज और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी संबंधित पक्षों के बयान लिए जाने की बात कही गई है। फिलहाल फर्जी वसीयत, जमीनों के हस्तांतरण और कथित कब्जे से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल शिकायतकर्ता पक्ष के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए; जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

चंद्रचूड़ सिंह, जिन्हें माचिस, जोश और क्या कहना जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है, अब अपने अभिनय से इतर एक बेहद निजी और पुरानी पारिवारिक संपत्ति की कानूनी लड़ाई को लेकर सुर्खियों में हैं।






