बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद की बहस काफी जोरों-शोरों से होती है। आज के दौर में ‘नेपोटिज्म’ बॉलीवुड में सबसे प्रचलित शब्दों में से एक है। नेपो किड्स को इंडस्ट्री में बड़ी ही आसानी से मौका मिल रहा है, लेकिन आउटसाइडर्स को इसके लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। अब इस मामले में एक्टर अर्जुन रामपाल के विचार सामने आए हैं।

अर्जुन रामपाल ने फिल्म ‘ओम शांति ओम’ का जिक्र करते हुए बताया कि, इस फिल्म में शाहरुख खान का दूसरा किरदार नेपो किड्स का था। हाल ही में अर्जुन ने एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि, ‘जब एक स्टार किड्स अभिनेता या अभिनेत्री बनना चाहते हैं तो उन्हें एक अतिरिक्त फायदा होता है।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘निश्चित रूप से एक व्यक्ति के पास एक बड़ा फायदा है। अगर, उसके परिवार में कोई सदस्य किसी पेशे में है और अगर वह खुद उस पेशे को शुरू करना चाहते हैं, तो उनके पास एक अच्छी शुरुआत होगी। उन्हें शायद किसी अन्य व्यक्ति की तुलना में कई मौके मिलेंगे। यह उस व्यक्ति की नियति है। वैसे ही स्टार किड्स को अन्य की तुलना में अधिक मौके मिलते हैं।’

फिल्म ‘ओम शांति ओम’ में शाहरुख के किरदार का जिक्र करते हुए अर्जुन ने कहा, ‘जब वह दोबारा जन्म लेता है तो वह नेपो हो जाता है। यह काफी परेशान करने वाला था। उनका पहला किरदार ओम स्ट्रगलिंग एक्टर होता है, जो फिल्मों में बड़ा नाम कमाना चाहता है। इसके बाद ओम की मौत हो जाती है। ओम अगले जन्म में एक सुपरस्टार के यहां पैदा होता है और खुद भी सुपरस्टार बन जाता है।’

बता दें फिल्म ‘ओम शांति ओम’ साल 2007 में आई थी। इस फिल्म में शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण मुख्य किरदार में नजर आए थे। यह दीपिका की डेब्यू फिल्म थी। इसके अलावा फिल्म में अर्जुन विलेन के किरदार में दिखे थे।





