इंजीनियर बनाना चाहता था ये डायरेक्टर, बाॅलीवुड में आकर बदली फिल्मों की परिभाषा
बाॅलीवुड में कई ऐसे निर्देशक होते हैं। जो अपने निर्देशन से हर फिल्म को एक नया रूप दे देते हैं। उनके साथ बाॅलीवुड का हर एक्टर काम करना चाहता है। एक ऐसे ही दिवंगत यश चोपड़ा, जिन्होंने बाॅलीवुड को एक नयी तरह से फिल्म बनाना सिखाया था। उन्होंने इंडस्ट्री में एक से बढ़कर एक सुपरहिट [..
बाॅलीवुड में कई ऐसे निर्देशक होते हैं। जो अपने निर्देशन से हर फिल्म को एक नया रूप दे देते हैं। उनके साथ बाॅलीवुड का हर एक्टर काम करना चाहता है। एक ऐसे ही दिवंगत यश चोपड़ा, जिन्होंने बाॅलीवुड को एक नयी तरह से फिल्म बनाना सिखाया था। उन्होंने इंडस्ट्री में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दी। यश चोपड़ा का सफर काफी रोचक रहा। आईये जानते है उनके सफर के बारे में।
इंजीनियर से बने डायरेक्टर यश चोपड़ा
हमेशा एक इंजीनियर बनना चाहते थे, जी पर उनकी किस्मत कुछ यूं पलटी की वो मुंबई आकर एक कमाल के फिल्ममेकर बन गए। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में एक से बढ़कर सुपरहिट फिल्में बनाई। उन्होंने कई बड़े एक्ट्रेस के साथ काम किया।उन्होंने हिंदी फिल्मों के साथ कई एक्सपेरिमेंट किए जिन्हें आज भी याद किया जाता है। जैसे की मल्टीस्टारर फिल्मों का ट्रेंड।
ये सिलसिला यश चोपड़ा ने ही शुरू किया था जो काफी सक्सेसफुल रहा और आज भी इसे फॉलो किया जाता है। इसके अलावा जब फिल्में सिर्फ गानों की वजह से ही चलती थी उस दौर में यश चोपड़ा ने फिल्म इत्तेफाक बनाई जिसमें एक भी गाना नहीं थी। बावजूद इसके ये फिल्म सुपर डुपर हिट रही।
कई पुरस्कार मिले
यश चोपड़ा को साल 2001 में दादा साहेब फाल्के अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद साल 2005 में पद्म भूषण सम्मान मिला। सिर्फ यही नहीं ‘दीवार’, ‘कभी-कभी, ‘त्रिशूल’, ‘काला पत्थर’, ‘सिलसिला’ जैसी कमाल फिल्में बनाने वाले यश चोपड़ा के नाम पर स्विट्जरलैंड में एक सड़क और एक ट्रेन भी चलाई गई है।