नेशनल अवार्ड विनर Allu Arjun नहीं बनने चाहते थे एक्टर, इंटरव्यू में खुद ने किया था खुलासा
अल्लू अर्जुन टाॅलीवुड के जाने-माने एक्टर है। वें अपनी एक्शन फिल्म और एक्टिंग से अपने फैंस को काफी प्रभावित करते हैं। अल्लू अपनी फिल्मों से अपने फैंस काफी प्रभावित करते हैं। उन्होंने अपनी पिछली कुछ फिल्मों से पूरे भारत में एक खास पहचान बनाई है। उन्हें इस साल अपनी फिल्म पुष्पा के ल
अल्लू अर्जुन टाॅलीवुड के जाने-माने एक्टर है। वें अपनी एक्शन फिल्म और एक्टिंग से अपने फैंस को काफी प्रभावित करते हैं। अल्लू अपनी फिल्मों से अपने फैंस काफी प्रभावित करते हैं। उन्होंने अपनी पिछली कुछ फिल्मों से पूरे भारत में एक खास पहचान बनाई है। उन्हें इस साल अपनी फिल्म पुष्पा के लिए नेशनल अवार्ड भी मिला था। लेकिन आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि अल्लू अर्जुन शुरुआत से एक्टिंग में अपना करियर बनाना नहीं चाहते थे। इसका खुलासा उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में किया था। आईये जानते है इस किस्से के बारे में।
बचपन से एक्टर नहीं बनना चाहते थे
अल्लू ने हाल में एक बातचीत के दौरान कहा कि वे हमेशा एक एनिमेटर बनने का सपना देखते थे और एक क्रिएटिव बिजनेस में रुचि रखते थे। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे उनके पिता, जो एक तेलुगु फिल्म निर्माता हैं, ने उन्हें अभिनय को अपने करियर के रूप में लेने के लिए जोर दिया और उन्हें निर्देशक के.राघवेंद्र राव के पास ले गए।
पुष्पा’ अभिनेता ने एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘गंगोत्री’ की, जो तेलुगु बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। इसके बाद अल्लू ने निर्देशक सुकुमार की 2004 की पहली रोमांटिक एक्शन फिल्म ‘आर्या’ में अभिनय किया, जो सुपरहिट रही। अभिनेता ने कहा कि उन्होंने अपनी शुरुआती दो फिल्मों की सफलता के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
अब पुष्पा 2 में आएंगे नजर
फिल्मफेयर से बात करते हुए उन्होंने कहा था, ‘मैं कभी अभिनेता नहीं बल्कि एक एनिमेटर बनना चाहता था। मैं अपने परिवार के सदस्यों को प्रतिस्पर्धी के रूप में कभी नहीं मानता क्योंकि मेरे कई चचेरे भाई फिल्म इंडस्ट्री में हैं। हाल ही में अल्लू अर्जुन ने टॉलीवुड में फिल्मी करियर के 2 दशक पूरे किए और उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक दिल को छू लेने वाला नोट पोस्ट किया। वर्तमान में, अभिनेता ‘पुष्पा 2: द रूल’ की शूटिंग में बिजी हैं और इसमें रश्मिका मंदाना लीड एक्ट्रेस हैं। फिल्म में कलाकारों की एक और टुकड़ी होगी जो अभी भी सामने नहीं आई है।