IAS Anudeep Durishetty के नाम है UPSC का ऐसा रिकॉर्ड जिसे कोई नहीं तोड़ पाया, राजस्थान में पढ़कर रचा इतिहास
अनुदीपने 2025 में से 1126 नंबर प्राप्त करके AIR 1 पाई साथ ही यूपीएससी परीक्षा के इतिहास में सबसे ज्यादा नंबर प्राप्त करने का रिकॉर्ड बनाया. UPSC Success Story: तेलंगाना के अनुदीप दुरीशेट्टी को चार बार यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होना पड़ा. शुरुआत में तीन बार असफल होने के बाद 20
अनुदीपने 2025 में से 1126 नंबर प्राप्त करके AIR 1 पाई साथ ही यूपीएससी परीक्षा के इतिहास में सबसे ज्यादा नंबर प्राप्त करने का रिकॉर्ड बनाया.
UPSC Success Story: तेलंगाना के अनुदीप दुरीशेट्टी को चार बार यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होना पड़ा. शुरुआत में तीन बार असफल होने के बाद 2017 में अनुदीप दुरीशेट्टी ने यूपीएससी परीक्षा में टॉप किया.
तेलंगाना के अनुदीप दुरीशेट्टी ने भी इस परीक्षा के लिए कोई कोचिंग नहीं थीं। हालांकि, यह बहुत आसान नहीं था। साल 2013 में उन्होंने इस एग्जाम के लिए परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। इस एग्जाम में उन्होंने 790 रैंक प्राप्त हुई थी। इसके चलते उन्हें भारतीय राजस्व सेवा मिली थी। हालांकि, उन्हें IAS अफसर बनना था। इसलिए उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी। वे प्रयास करते रहे। इसका नतीजा यह हुआ है कि उन्होंने साल 2017 में इस एग्जाम में टॉप किया था।
अनुदीप दुरीशेट्टी तीन बार असफल हुए लेकिन अपने ध्यान लक्ष्य पर रहे. आखिकार आईएएस बनने में कामयाब रहे. अनुदीप ने साल 2017 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया टॉप किया था. यूपीएससी परीक्षा के इतिहास में सबसे ज्यादा नंबर लाकर रिकॉर्ड बनाया.
तेलंगाना के अनुदीप दुरीशेट्टी को चार बार यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होना पड़ा. शुरुआत में तीन बार असफल होने के बाद 2017 में अनुदीप दुरीशेट्टी ने यूपीएससी परीक्षा में टॉप किया. अनुदीपने 2025 में से 1126 नंबर प्राप्त करके AIR 1 पाई साथ ही यूपीएससी परीक्षा के इतिहास में सबसे ज्यादा नंबर प्राप्त करने का रिकॉर्ड बनाया.
तेलंगाना के मेटपल्ली शहर के अनुदीप ने स्कूलिंग श्री सूर्योदय हाईस्कूल और श्री चैतन्य जूनियर कॉलेज से की है. 2011 में बिट्स पिलानी, राजस्थान से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंशन इंजीनियरिंग में बीटेक किया. बीटेक के बाद गूगल में जॉब पाई. बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम किया. सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी बिना किसी कोचिंग के की.
तैयारी के दौरान गाइडेंस के लिए इंटरनेट की मदद ली. साल 2012 में सिविल सर्विस परीक्षा में शामिल हुए थे. इसके बाद साल 2013 में भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में सेलेक्शन हुआ. इसके बाद साल 2014 और 2015 में फिर से सिविल सेवा परीक्षा में बैठे. लेकिन सफल नहीं हुए. 2017 में फिर उन्होंने ऑल इंडिया टॉप किया.