विवेक ओबेरॉय की गोद ली बेटी सहारा शाह का बॉलीवुड डेब्यू, कैंसर को मात देकर बनेंगी हीरोइन
विवेक ओबेरॉय की गोद ली हुई बेटी सहारा शाह अब बॉलीवुड में बतौर हीरोइन कदम रखने जा रही हैं। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देने के बाद सहारा की इस नई शुरुआत ने एक्टर को भावुक कर दिया। बेटी के हौसले और सफर पर विवेक ने खुलकर गर्व जताया है।
विवेक ओबेरॉय की बेटी सहारा शाह का फिल्मी डेब्यू
बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय के लिए 22 सितंबर 2026 का दिन बेहद भावुक रहा। मुंबई में आयोजित कैंसर पेशेंट्स एड एसोसिएशन (CPAA) के कैंसर रोज डे कार्यक्रम में उनकी गोद ली हुई बेटी सहारा शाह ने अपनी पहली फिल्म साइन की। 22 साल की सहारा अब बतौर लीड एक्ट्रेस नेपाली फिल्म ‘26 Crore’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखने जा रही हैं। फिल्म अगले साल रिलीज होने की जानकारी सामने आई है।
सहारा की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवेक ने उन्हें करीब ढाई साल की उम्र में गोद लिया था, जब वह कैंसर से जूझ रही थीं। इलाज के दौरान विवेक ने उन्हें कैंसर पेशेंट्स एड एसोसिएशन से जोड़ा और उनके इलाज तथा शिक्षा में मदद की। आज सहारा कैंसर-मुक्त हैं और अपने करियर को लेकर नए सपने देख रही हैं।
इवेंट में सहारा ने बताया कि उन्होंने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए एक्टिंग को करियर बनाने का फैसला किया है। उन्होंने विवेक से आशीर्वाद लेते हुए उनके प्रति प्यार और सम्मान जताया। सहारा ने यह भी कहा कि विवेक ने हमेशा उनकी पसंद और सपनों में उनका साथ दिया और उन्हें बड़े सपने देखने का हौसला दिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने एविएशन की ट्रेनिंग भी ली है और भविष्य में कमर्शियल पायलट बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
सहारा की फिल्म साइन करने का पल विवेक के लिए बेहद खास था। बेटी को मंच पर नई शुरुआत करते देख अभिनेता भावुक हो गए और उसे गले लगा लिया। विवेक ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने एक छोटी बच्ची को कीमोथेरेपी के दौरान कैंसर से लड़ते देखा था। उन्होंने कहा कि सहारा के अंदर लड़ने का जज्बा देखकर उन्हें विश्वास था कि वह इस बीमारी को हरा देंगी। आज उन्हें बेटी को स्वस्थ और अपने सपनों की ओर बढ़ते देखकर बेहद गर्व है।
सहारा की फिल्मी शुरुआत के साथ उनकी जिंदगी का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। वहीं विवेक ने इस मौके पर लोगों से कैंसर मरीजों की मदद करने की अपील भी की और कहा कि सहयोग केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्यार और साथ देना भी बेहद जरूरी है।