राजकपूर ने भी किया था संघर्ष, महज 1 रुपये महीने में करते थे नौकरी
राजकपूर बाॅलीवुड के सबसे बेहतरीन एक्टरों में से एक है। वें 80-90 दशक के सबसे फेमस एक्टरों में से एक थे।उन्होंने उस दौरान कई सुपरहिट फिल्में दी। राजकपूर से जुड़े किस्से बाॅलीवुड इंडस्ट्री में खूब सुर्खियां बटोरते है। उनके गुजरने के बाद भी इंडस्ट्री में उनके किस्सों की खूब चर्चा की
राजकपूर बाॅलीवुड के सबसे बेहतरीन एक्टरों में से एक है। वें 80-90 दशक के सबसे फेमस एक्टरों में से एक थे।उन्होंने उस दौरान कई सुपरहिट फिल्में दी। राजकपूर से जुड़े किस्से बाॅलीवुड इंडस्ट्री में खूब सुर्खियां बटोरते है। उनके गुजरने के बाद भी इंडस्ट्री में उनके किस्सों की खूब चर्चा की जाती है। हाल ही में उनसे जुड़ा एक किस्सा सामने आया है। जिसकी बाॅलीवुड में काफी चर्चा की जा रही है। आईये जानते है इस किस्से के बारे में।
पिता ने बचपन में सिखाई कई चीजें
यह तो सभी जानते हैं कि राज कपूर को राज कपूर बनाने में उनके पिता पृथ्वीराज कपूर का अहम योगदान था। उन्हें सिनेमा की समझ अपने पिता से ही मिली और उनकी रचनात्मकता को भी पिता ने ही निखारा। बताया जाता है कि एक बार राज कपूर अन्य बच्चों की ही तरह ट्राम से स्कूल जाने वाले थे, लेकिन बाहर जोरों की बारिश हो रही थी। उन्होंने जब अपनी मां से पूछा कि वो आज कार से स्कूल जा सकते हैं?
इस पर मां ने पिता से पूछ कर बताने के लिए कहा। जब पृथ्वीराज कपूर ने यह सुना तो जवाब दिया कि इस बारिश में पानी के थपेड़े झेलते हुए स्कूल जाने में भी ‘थ़्रिल’ है और राज कपूर को इसका तजुर्बा लेने दो। राज दरवाजे के पीछे से मां और पिता की बात सुन रहे थे, जिस पर उन्होंने पिता पृथ्वी राज कपूर से कहा, ‘सर, मैं ट्राम से ही स्कूल जाऊंगा।’
1 रुपये महीने में की नौकरी
वही राज कपूर ने अपनी पहली नौकरी पिता के स्टूडियो में ही की थी। उनके कहने पर पिता ने उन्हें 1 रुपए महीने की नौकरी पर रखा था और राज कपूर का काम स्टूडियो में झाड़ू लगाना था। स्टूडियो में झाड़ू लगाकर ही इस महान फिल्मकार ने एक दिन 24 साल की उम्र में खुद का स्टूडियो खोल लिया, जिसके बैनर तले खूब फिल्में बनी।
राज कपूर के बारे में कहा जाता है कि वो कभी बिस्तर पर नहीं सोते थे। उन्हें जमीन पर सोने में ही आनंद आता था। वो जब किसी होटल में भी ठहरे थे, तो भी जमीन में ही सोते थे। यह भी कहा जाता है कि वो जब लंदन के मशहूर हिल्टन होटल में जमीन पर सोने जा रहे थे, तो उन्हें होटल प्रबंधकों ने इसके लिए चेताया भी और ऐसा नहीं करने के लिए कहा। जब वो नहीं माने और गद्दा खींचकर अगली बार भी जमीन पर ही सोये तो उन पर जुर्माना लगाया गया।अपनी इस आदत के कारण पांच दिन तक वो जुर्माना भरते रहे।