Ind vs SL: लंकाई स्पिनर ने बता दी भारत की सबसे बड़ी कमजोरी, गिन-गिनकर गिनाईं कमियां
भारत को वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. श्रीलंका के स्पिनर्स के सामने भारतीय बैटिंग नहीं टिक पाई. Ind vs SL: श्रीलंका ने भारत को वनडे सीरीज में हरा दिया. 27 साल बाद श्रीलंकाई टीम ने भारत को वनडे सीरीज में हराया. बुधवार को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम पर खेले गए मैच [..
भारत को वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. श्रीलंका के स्पिनर्स के सामने भारतीय बैटिंग नहीं टिक पाई.
Ind vs SL: श्रीलंका ने भारत को वनडे सीरीज में हरा दिया. 27 साल बाद श्रीलंकाई टीम ने भारत को वनडे सीरीज में हराया. बुधवार को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम पर खेले गए मैच में श्रीलंका ने भारत को 110 रन से हराया. इस जीत में श्रीलंका के स्पिनर्स का बड़ा योगदान रहा. श्रीलंका को अपने घरेलू मैदानों पर खेलने का फायदा मिला. टर्न लेती पिचों पर लंकाई स्पिनर्स ने बेहतरीन काम किया और भारतीय बल्लेबाजों को बांधकर रखा.
भारत के सामने सीरीज के तीसरे मैच में 249 रन का टारगेट था. लेकिन इसके जवाब में टीम 138 रन पर ऑल आउट हो गई. भारतीय टीम सिर्फ 26.1 ओवर ही खेल सकी. सीरीज में लगातार तीसरी बार भारतीय बैटिंग धराशायी हो गई.
सीरीज का पहला मैच टाई रहा था और श्रीलंका ने बाकी दो मुकाबले जीते. अपनी टीम की जीत पर श्रीलंका के स्पिनर महीश तीक्ष्णा ने जोर देकर कहा कि उनकी टीम ने स्पिनर्स के लिए मददगार प्रेमदासा स्टेडियम पर बेहतर प्रदर्शन किया.
तीक्ष्णा ने कहा, ‘भारतीय टीम आम तौर पर भारत में अच्छी पिचों और छोटी बाउंड्री के साथ खेलती है. हमें प्रेमदासा में खेलने का तरीका पता है. अगर इसमें जरा भी स्पिन होगा तो हम उसका फायदा उठा सकते हैं. हमारे पास अच्छे स्पिनर्स हैं.’
तीक्ष्णा की बात उस रणनीति की ओर इशारा करती है जिसने इस सीरीज में अंतर पैदा किया. भारतीय बल्लेबाज, सापट पिचों और छोटी बाउंड्री पर खेलने के आदी हैं. और श्रीलंका की स्पिनर्स के लिए मददगार पिचों पर अच्छे स्पिनर्स के सामने वह संघर्ष करते हुए नजर आए. इसके उलट श्रीलंका के बल्लेबाज ऐसे हालात से वाकिफ हैं जो इस चुनौती का अच्छी तरह सामना कर सके.
तीक्ष्णा ने कहा, ‘घरेलू क्रिकेट में भी पिचें इसी तरह होती हैं. और हमारे बल्लेबाजों को पता है कि इन पर कैसे खेलना है.’
श्रीलंका को टी20 सीरीज में 3-0 से हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद वनडे सीरीज में उन्होंने दमदार वापसी की.
उन्होंने कहा, ‘मेरी नजर से देखें, तो यह टीम के लिए हौसला बढ़ाने वाला है. टी-20 सीरीज में हम 3-0 से हारे. पूरी टीम निराश थी. और फिर हमने प्रेरणा हासिल की. आखिरी मैच जीतकर और 1997 के बाद सीरीज जीतकर खुश हूं. यह हमारे लिए बहुत बड़ी जीत है और मैं प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं.’