‘सारा ने किए हराम काम’, केदारनाथ मंदिर जाने पर सैफ की बेटी के खिलाफ फतवे का दावा, मचा हड़कंप!
बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। केदारनाथ मंदिर में दर्शन करने को लेकर उनके खिलाफ फतवा जारी किए जाने का दावा सामने आया है। मौलाना के कथित बयान में सारा के इस कदम को ‘नाजायज और हराम’ बताया गया है। अब इस मामले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
‘सारा ने किए हराम काम’, केदारनाथ मंदिर जाने पर सैफ की बेटी के खिलाफ फतवे का दावा, मचा हड़कंप!
बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान एक बार फिर अपने धार्मिक दौरे को लेकर सुर्खियों में आ गई हैं। इस बार मामला उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम से जुड़ा है, जहां दर्शन और पूजा-अर्चना करने पहुंचीं सारा के खिलाफ एक मौलाना ने फतवा जारी किया है। उनके इस कदम को लेकर धार्मिक बहस छिड़ गई है और सोशल मीडिया पर भी मामला चर्चा का विषय बन गया है।
केदारनाथ में पूजा करने पर मौलाना ने जताई आपत्ति
दरअसल, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर जाने और वहां पूजा-पाठ करने पर आपत्ति जताई है। मौलाना ने अपने वीडियो बयान में कहा कि इस्लाम और शरीयत के मुताबिक किसी मुसलमान का दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर जाकर पूजा-अर्चना करना नाजायज और हराम है। उन्होंने सारा को इस मामले में अल्लाह से माफी मांगने और तौबा करने की नसीहत भी दी है।
25 अक्टूबर को दर्शन करने पहुंची थीं सारा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सारा अली खान 25 अक्टूबर को केदारनाथ धाम पहुंची थीं। इस दौरान वह आम श्रद्धालुओं की तरह दर्शन के लिए कतार में खड़ी नजर आईं। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के बाहर हाथ जोड़कर खड़ी उनकी तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए। बताया जा रहा है कि सारा करीब तीन दिनों तक केदारनाथ में रहीं और बाबा केदार के दर्शन किए।
सारा का केदारनाथ से खास जुड़ाव रहा है। साल 2018 में उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत के साथ फिल्म 'केदारनाथ' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद से वह कई बार इस धाम में दर्शन करने पहुंच चुकी हैं। वह वाराणसी के काशी विश्वनाथ और उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भी पूजा कर चुकी हैं।
एफिडेविट जमा करने की भी सामने आई जानकारी
इस पूरे विवाद के बीच बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) का नियम भी चर्चा में है। मंदिर समिति ने गैर-हिंदू श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और पूजा-अर्चना से पहले एफिडेविट जमा करना अनिवार्य किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, समिति के सीईओ सोहन सिंह रंगार ने पुष्टि की है कि सारा की टीम ने उनके दौरे से पहले जरूरी एफिडेविट जमा किया था।
सारा की चुप्पी के बीच सोशल मीडिया पर बहस
फिलहाल इस पूरे मामले पर सारा अली खान या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बता दें कि फतवा किसी धार्मिक विद्वान की धार्मिक राय या इस्लामी कानून से जुड़ा फैसला होता है, न कि अपने आप में सरकारी कानूनी आदेश। अब देखना होगा कि इस विवाद पर सारा क्या प्रतिक्रिया देती हैं।