सेट पर शराब पीकर पहुंचे संजय दत्त, फिर हुआ कुछ ऐसा
संजय दत्त बाॅलीवुड के ब्लाॅग मास्टर हीरो है। उन्होंने इंडस्ट्री में कई सुपरहिट फिल्में दी थी। संजय दत्त अपने जीवन के कारण हमेशा सुर्खियों में रहे हैं। जिसके कारण इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में संजय की एक फिल्म विधाता से जुड़ा एक किस्सा सामने आया है। जब वें फिल
संजय दत्त बाॅलीवुड के ब्लाॅग मास्टर हीरो है। उन्होंने इंडस्ट्री में कई सुपरहिट फिल्में दी थी। संजय दत्त अपने जीवन के कारण हमेशा सुर्खियों में रहे हैं। जिसके कारण इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में संजय की एक फिल्म विधाता से जुड़ा एक किस्सा सामने आया है। जब वें फिल्म से के सेट पर शराब पी कर पहुंच गए थे। आईये जानते है इस किस्से के बारे में।
सेट पर पहुंचे शराब पीकर
फिल्म ‘विधाता’ साल 1982 में रिलीज हुई थी। इसमें संजय दत्त और पद्मिनी कोल्हापुरे के अलावा दिलीप कुमार, संजीव कुमार और शम्मी कपूर सहित कई सितारे नजर आए थे। फिल्म ‘विधाता’ ने छप्परफाड़ कमाई कर निर्देशक सुभाष घई की किस्मत चमका दी थी। इसी फिल्म में संजय दत्त और पद्मिनी से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा है।फिल्म ‘विधाता’ उस दौर में आई थी, जब संजय दत्त नशे की लत के शिकार थे।
एक्टर ने खुद कई बार अपने इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था कि उस दौर में वह नशे के आदि हो गए थे और वह अक्सर शराब के नशे में ही रहते थे। ऐसे में ‘विधाता’ की शूटिंग के दौरान भी एक ऐसी घटना हुई थी कि संजय दत्त को खुद नहीं मालूम था कि वह क्या कर रहे हैं।
निर्माताओं की पार्टी में पी थी
दरअसल, निर्माताओं ने एक पार्टी रखी थी, जिसमें फिल्म की स्टारकास्ट, निर्माता और निर्देशक सभी मौजूद थे। संजय दत्त भी इस पार्टी में पहुंचे थे, लेकिन वह पार्टी में काफी देर से और नशे में धुत पहुंचे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब वह पार्टी में पहुंचे तो उन्होंने हाथ में चाकू उठा लिया और वह सीधे एक्ट्रेस पद्मिनी कोल्हापुरे के पास जा पहुंचे।संजय दत्त को हाथ में चाकू लिए सामने खड़ा देख पद्मिनी की तो हालत खराब हो गई थी।
डर के मारे वह चिल्लाने लगीं और वहां से भाग छूटीं। लेकिन हद तो तब हो गई जब संजय दत्त भी चाकू लेकर उनके पीछे-पीछे भागने लगे। बहुत मुश्किल से वहां मौजूद लोगों ने एक्टर को काबू किया और जब अगले दिन उनके पिता सुनील दत्त को यह बात पता चली तो उन्हें बेहद शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था।