‘मराठी सीखने से क्यों किया इनकार?’ संजय दत्त के बयान पर नगमा ने उठाया सवाल, बोलीं- भाषा सीखना किस पर निर्भर?
दही हांडी के मौके पर संजय दत्त के मराठी बोलने को लेकर दिए बयान ने नई बहस छेड़ दी है। अब नगमा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया कि किसी भाषा को सीखना आखिर किन परिस्थितियों और रुचि पर निर्भर करता है।
संजय दत्त के मराठी बयान पर छिड़ी बहस
दही हांडी के एक कार्यक्रम में संजय दत्त से जब मराठी में बोलने के लिए कहा गया, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में इससे इनकार कर दिया। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ मंच साझा कर रहे संजय ने कहा कि वह छह साल येरवडा जेल में रहने के बावजूद मराठी नहीं सीख पाए। उनका यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और भाषा को लेकर बहस शुरू हो गई।
मामला तब और दिलचस्प हो गया, जब संजय दत्त का एक पुराना वीडियो सामने आया। इस क्लिप में अभिनेता पपराजी से धाराप्रवाह मराठी में बातचीत करते नजर आए। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाया कि अगर संजय मराठी बोल सकते हैं, तो दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने मराठी बोलने से क्यों परहेज किया।
इसी बीच अभिनेत्री नगमा ने इस पूरे विवाद पर अपनी राय रखी है। नगमा के मुताबिक किसी भाषा को सीखना व्यक्ति की जरूरत और रुचि पर निर्भर करता है। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों का उदाहरण देते हुए बताया कि जब उनके पाठ्यक्रम में एक नई भाषा जोड़ी गई, तो उन्होंने उसे सीखा।
नगमा की बात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनका खुद का फिल्मी सफर कई भाषाओं से जुड़ा रहा है। उन्होंने हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु, भोजपुरी, बंगाली, पंजाबी और मराठी समेत कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया है।
उधर, संजय दत्त के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं। कुछ लोग इसे अभिनेता का महज मजाकिया जवाब मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि महाराष्ट्र में लंबे समय से रहने वाले कलाकारों को स्थानीय भाषा सीखने में रुचि दिखानी चाहिए। पुराने वीडियो के सामने आने से इस बहस को और हवा मिल गई है।
इस तरह एक हल्के-फुल्के मंचीय मजाक से शुरू हुआ मामला अब भाषा, पसंद और जरूरत को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।