MI vs CSK: ऋतुराज गायकवाड़ ने 42 साल के धोनी को बताया ‘युवा विकेटकीपर’, बोले- उनके वो 3 छक्के…

MI vs CSK: चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने एमआई वर्सेस सीएसके मैच के बाद एमएस धोनी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने 42 साल के इस खिलाड़ी को टीम का युवा विकेटकीपर बताया है। इसी के साथ गायकवाड़ ने धोनी को सीएसके की जीत का क्रेडिट भी दिया है। उनका कहना है [...]

By Shaikh Almina · 15/4/2024

MI vs CSK: चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने एमआई वर्सेस सीएसके मैच के बाद एमएस धोनी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने 42 साल के इस खिलाड़ी को टीम का युवा विकेटकीपर बताया है। इसी के साथ गायकवाड़ ने धोनी को सीएसके की जीत का क्रेडिट भी दिया है।

उनका कहना है कि धोनी के अंतिम ओवर के वो तीन छक्के मैच का सबसे बड़ा अंतर साबित हुए। बता दें, मही ने सीएसके की पारी के आखिरी ओवर में तीन छक्के जड़ चेन्नई की पारी को फिनिशिंग टच दिया था। उन्होंने 4 गेंदों पर नाबाद 20 रन बनाए थे। उनकी इस पारी के दम पर ही चेन्नई 206 रन तक पहुंचने में सफल रही थी। इस स्कोर को पीछा करते हुए एमआई 186 ही रन बना सकी और वह यह मैच 20 ही रन से हारे। धोनी की यही पारी मैच का अंतर साबित हुई।

ऋतुराज गायकवाड़ ने मैच के बाद कहा, “युवा विकेटकीपर द्वारा वे तीन छक्के लगाने से हमें काफी मदद मिली, यही अंतर साबित हुआ। हमें इस तरह के वेन्यू पर 10-15 अतिरिक्त रन की जरूरत थी।”

सीएसके के कप्तान आगे बोले, “मिडिल फेस में, बुमराह ने वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की। मुझे लगता है कि उनके कुछ बेहतरीन शॉट लगाने के बावजूद हम गेंद से अपने प्रदर्शन में सही थे। मैं पावरप्ले में 6 ओवर 60 लेता। आपको इस स्थान पर गेंदबाजी और बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।”

गायकवाड़ ने एमआई के खिलाफ 4 विकेट लेने वाले मथीशा पथिराना की भी जमकर तारीफ की और उन्हें सीएसके का मलिंगा बताया। इसके अलावा उन्होंने तुषार देशपांडे और शार्दुल ठाकुर को लेकर भी कहा कि उनकी परफॉर्मेंस को नहीं भूलना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमारे मलिंगा ने आज वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की, उन्होंने यॉर्कर फेंके। भूलना नहीं चाहिए कि तुषार और शार्दुल ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। (आगे की योजनाओं पर) मुझे लगता है कि हमें इसे सरल बनाए रखना होगा, सभी को अच्छे स्पेस में रहने के लिए प्रोत्साहित करना होगा और इसी तरह जारी रखना होगा। जिंक्स (अजिंक्य रहाणे) को थोड़ी परेशानी हो रही थी, इसलिए सोचा कि उन्हें ओपनिंग कराना ही बेहतर होगा। मैं कहीं भी बल्लेबाजी कर सकता हूं, साथ ही टीम के कप्तान के रूप में यह अतिरिक्त जिम्मेदारी भी है।”

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