Life Success Story: इंटरव्यू में 35 बार रिजेक्ट होने के बाद मनु अग्रवाल ने नहीं मानी हार, आज खुद के दम पर कमा रहें सालाना एक करोड़ रुपए!

वो अधिक सीखने के लिए रात 1 बजे तक काम किया करते थे। उनकी मेहनत और लगन को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की तरफ से उन्हें फुल टाइम जॉब का ऑफर मिला। Life Success Story: कहते हैं जब इंसान कड़ी मेहनत से किसी चीज को पाने की ठान ले, तो पूरी कायनात भी उसे सफलता [...]

By Shaikh Almina · 10/4/2024

वो अधिक सीखने के लिए रात 1 बजे तक काम किया करते थे। उनकी मेहनत और लगन को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की तरफ से उन्हें फुल टाइम जॉब का ऑफर मिला।

Life Success Story: कहते हैं जब इंसान कड़ी मेहनत से किसी चीज को पाने की ठान ले, तो पूरी कायनात भी उसे सफलता दिलाने में लग जाती है। ऐसे इंसान को किसी के भरोसे बैठने की जरूरत नहीं होती। हम सभी जानते हैं आजकल नौकरी पाना कितना मुश्किल काम हो चुका है। अगर आपके पास अच्छी स्किल, क्वालिफिकेशन नहीं है तो आपको अच्छी नौकरी नहीं मिल सकती। ऐसे में सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाले एक युवक को 35 कंपनियों द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया था, क्योंकि उन्हें अंग्रेजी बोलना नहीं आता था, लेकिन आज वह करोड़ों रुपए के पैकेज पर नौकरी कर रहे हैं।

इसके लिए उन्होंने काफी संघर्ष भी किया है। आइए जानते हैं मनु अग्रवाल की दिलचस्प सक्सेस स्टोरी।

सरकारी स्कूल से की पढ़ाई

मनु अग्रवाल उत्तर प्रदेश के छोटे से कस्बे में रहते थे। यहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से की। उन्हें अंग्रेजी बोलना नहीं आता था। बचपन से ही उन्होंने अपने परिवार में पैसों की किल्लत देखी थी, जिस कारण उन्हें काफी ज्यादा तकलीफ होती थी। तभी उन्होंने ठान लिया था कि वह बड़े होकर अपने परिवार की स्थिति को बेहतर करेंगे।

इसके लिए वह जी तोड़ मेहनत भी करते थे, लेकिन पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता था। शुरुआती दिनों में उन्हें एक नौकरी मिली जोकि केवल 10 हजार रुपयों की थी। इससे उनका घर चलाना काफी ज्यादा मुश्किल हो रहा था।

माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में किया इंटर्नशिप

तभी अचानक उनकी किस्मत पलट गई। दरअसल, वह 2 महीने के लिए हैदराबाद गए थे, जहां वह इंटरव्यू की तैयारी में लगे हुए थे। इस दौरान प्लेसमेंट के लिए बहुत सारी कंपनियां आई। जिनमें अमेजॉन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनी शामिल थी। हालांकि, इंटरव्यू की तैयारी का नतीजा उन्हें माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में मिला। इस कंपनी में उन्हें इंटर्नशिप मिली। इसके लिए उन्हें 45,000 रुपए मिल रहे थे।

वह सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक कड़ी मेहनत करते थे। केवल इतना ही नहीं, वह अधिक सीखने के लिए रात 1 बजे तक काम किया करते थे। उनकी मेहनत और लगन को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की तरफ से उन्हें फुल टाइम जॉब का ऑफर मिला।

अमेरिका में रहे 2 साल

हालांकि, इतनी से वह खुश नहीं हुए, बल्कि उन्हें और ज्यादा सक्सेस पाना था। इसके लिए वह दूसरी कई बड़ी कंपनियों में अप्लाई करते थे। इस दौरान करीब 35 कंपनियों द्वारा उन्हें रिजेक्ट किया गया। जिसके बाद उन्होंने मल्टीनेशनल कंपनी में अप्लाई करना शुरू कर दिया। तभी माइक्रोसॉफ्ट कंपनी से बड़े पोजीशन पर अमेरिका जाने का मौका मिला, जहां वह 2 साल तक रहे।

यहां उन्हें इंग्लिश बोलने में काफी परेशानी हो रही थी, लेकिन उस माहौल में वह ढलते गए और अच्छी खासी अंग्रेजी सीख ली। इन 2 सालों में उन्हें 3 बार प्रमोशन भी मिला। पहले प्रमोशन में उन्हें 1.2 करोड़ का सालाना पैकेज मिला, जबकि दूसरे प्रमोशन में 1.5 करोड रुपए, फिर तीसरे प्रमोशन में वह 1.9 करोड़ तक पहुंच गया। इसके बाद वह गूगल के साथ जुड़ गए।

बताया सफलता का मंत्र

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक इंटरव्यू के दौरान मनु ने कहा था कि सफलता के लिए आपको हमेशा जुनून से भर रहना होगा। जिसकी चाहत रखने वाले लोगों को कभी भी रुकना नहीं चाहिए। अगर वह किसी एक सीढ़ी पर ठहर जाते हैं, तो उनके ग्रंथ रुक सकती है। इसलिए हमेशा आगे बढ़ते रहे कभी भी हार ना मानें। मनु अग्रवाल की सक्सेस स्टोरी आज उन तमाम युवाओं के लिए बहुत प्रेरणादायक है, जो छोटे-छोटे रिजेक्शन से अपना आत्मविश्वास देते हैं और मेहनत करना छोड़ देते हैं।

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