Success Story: मेहनत और लगन कभी खाली हाथ नहीं जाति! छोटे से फ्लैट में ऐसा क्या बिजनेस शुरू किया, और सिर्फ 4 साल में ₹16,000 करोड़ का साम्राज्य!
सुमित गुप्ता CoinDCX के संस्थापक हैं। यह क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेफटफॉर्म है। आईआईटी के छात्र रहे सुमित ने सिर्फ 4 साल में इसे हजारों करोड़ रुपये का बना दिया। Success Story: कारोबारी सफलता में कोई शॉर्टकट नहीं होता है। इसके लिए जुनून, दृढ़ता और साहस की जरूरत होती है। यह क
सुमित गुप्ता CoinDCX के संस्थापक हैं। यह क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेफटफॉर्म है। आईआईटी के छात्र रहे सुमित ने सिर्फ 4 साल में इसे हजारों करोड़ रुपये का बना दिया।
Success Story: कारोबारी सफलता में कोई शॉर्टकट नहीं होता है। इसके लिए जुनून, दृढ़ता और साहस की जरूरत होती है। यह कहानी ऐसे शख्स की है, जो तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद सिर्फ 4 साल के भीतर एक पुराने फ्लैट से 16,000 करोड़ रुपये का कारोबार खड़ा करने में कामयाब हुआ। उनका नाम है सुमित गुप्ता। उन्होंने छोटे से फ्लैट में इस कारोबार की शुरुआत की थी। आइए, यहां उनकी सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।
यह सब 2018 में मुंबई में एक छोटे से फ्लैट से शुरू हुआ। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के स्टूडेंट रहे सुमित गुप्ता और उनके कॉलेज के दोस्त नीरज खंडेलवाल का कुछ बड़ा करने का सपना था। उनके पास केवल तीन महीने की सेविंग थी। वे अपना रेंट चुकाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। इन बाधाओं के बावजूद उन्होंने एक ऐसी यात्रा शुरू की जिसने जल्द ही उन्हें देश के सबसे सफल उद्यमियों में से एक बना दिया।
सोनी में नौकरी करते थे
इस कारोबारी यात्रा से पहले सुमित जापानी इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी कंपनी सोनी के साथ काम कर रहे थे। लगभग उसी समय दुनियाभर में बिटकॉइन का चलन बढ़ रहा था। सुमित को ब्लॉकचेन तकनीक की क्षमता का एहसास होने लगा। उनके लंबे समय के दोस्त नीरज ने इस नजरिये को समझा। नीरज सुमित के फैमिली बिजनेस से जुड़े थे। दोनों कोटा में जेईई (ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम) की तैयारी के दिनों से एक-दूसरे को जानते थे। बाद में दोनों को एक साथ आईआईटी-बी में दाखिला मिला।
2018 में शुरू की कंपनी
लगभग चार साल तक बाजार का अध्ययन करने के बाद उन्होंने 2018 में मुंबई के एक पुराने फ्लैट से अपनी कंपनी CoinDCX लॉन्च की। शुरुआती बाधाओं और भारत में क्रिप्टो बाजार की अपरिपक्व स्थिति के बावजूद वे अपने रास्ते पर चलते रहे। क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के लिए उनका फोकस्ड प्लेटफॉर्म जल्द ही उत्पादों और सेवाओं के लिए एग्रीगेटर बन गया।
कुछ ही साल में हजारों करोड़ की बन गई फर्म
कोविड-19 महामारी ने दुनियाभर के व्यवसायों के लिए बड़ी चुनौती पेश की। हालांकि, CoinDCX उस कठिन समय के दौरान भी फलने-फूलने में कामयाब रही। 2021 तक कंपनी ने 1.1 अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल कर लिया। इस तरह यह भारत की पहली क्रिप्टो यूनिकॉर्न बन गई। आज CoinDCX में 600 से ज्यादा कर्मचारी हैं। यह 1.5 करोड़ कस्टमर को सेवा प्रदान करती है। फंडिंग के एक और दौर के बाद अप्रैल 2022 में स्थापना के सिर्फ 4 सालों में कंपनी का मूल्यांकन 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा तक पहुंच गया।