नीना गुप्ता को शुरुआत में मिलते थे मर्दों के किरदार, मां नहीं चाहती थी कि वें एक्ट्रेस बने
नीना गुप्ता बाॅलीवुड की सबसे अच्छी एक्ट्रेस में से एक मानी जाती है। हालांकि उनके लिए इंडस्ट्री में जगह बनाना आसान नहीं रहा है। उन्होंने अपनी शुरूआती दौर में काफी संघर्ष किया था। जिसका उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया। आईये जानते है इस किस्से के बारे में। मर्द वाले
नीना गुप्ता बाॅलीवुड की सबसे अच्छी एक्ट्रेस में से एक मानी जाती है। हालांकि उनके लिए इंडस्ट्री में जगह बनाना आसान नहीं रहा है। उन्होंने अपनी शुरूआती दौर में काफी संघर्ष किया था। जिसका उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया। आईये जानते है इस किस्से के बारे में।
मर्द वाले कैरेक्टर मिले थे
ईटाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नीना गुप्ता ने एक इवेंट में कहा- मेरी मां हिंदी सिनेमा को उस नजरिए से नहीं देखती थीं। वो सिर्फ अंग्रेजी सिनेमा को महत्व देती थीं। हालांकि, जब मैंने पहली बार 1982 में फिल्म आधारशिला में खुद को बड़े पर्दे पर देखा तो सोच लिया कि कोई कुछ भी कहे, मुझे बस यही करना है।
नीना ने कहा कि शुरुआत में वो सिर्फ थिएटर तक ही रहना चाहती थीं। इसी हिसाब से उन्हें रोल्स भी मिलते थे। उन्होंने कहा- कॉलेज में मुझे मर्दों वाले किरदार मिलते थे। वहां मौजूद लड़कियों में मैं सबसे लंबी थी।
हीरोइन वाले डायलॉग पसंद थे
हालांकि मुझे फीमेल किरदार करने का मन करता था। मैं यह बात डायरेक्टर से कह नहीं पाती थी। मैं हीरोइन वाले डायलॉग्स का घर पर रिहर्सल करती थी। इस दौरान मुझे लगता था कि मैं उनसे (ड्रामा में काम करने वाली हीरोइन) बहुत बेहतर हूं।नीना को इस समय बेहतरीन फिल्में मिल रही है। उन्होंने शुभ मंगल ज्यादा सावधान और पंचायत जैसी फिल्मों में काम किया है। जिसने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई है।