पंकज त्रिपाठी ने कडे संघर्ष के बाद हासिल किया मुकाम

पंकज त्रिपाठी बाॅलीवुड के सबसे टैलेटंड एक्टरों में से एक माने जाते हैं। उनकी एक्टिंग और सादगी के लाखों लोग दीवाने हैं। उन्होंने कई फिल्मों में कैमियो और मैन रोल किया है। वें काफी संघर्ष के बाद यह तक पहुंचे हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी संघर्ष से जुडा एक किस्सा शेयर किया था ।आईये

By Amit Rajput · 7/11/2023

पंकज त्रिपाठी बाॅलीवुड के सबसे टैलेटंड एक्टरों में से एक माने जाते हैं। उनकी एक्टिंग और सादगी के लाखों लोग दीवाने हैं। उन्होंने कई फिल्मों में कैमियो और मैन रोल किया है। वें काफी संघर्ष के बाद यह तक पहुंचे हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी संघर्ष से जुडा एक किस्सा शेयर किया था ।आईये जानते है इस किस्से के बारे में।

टैक्टर की वजह से बने एक्टर

यहां तक पहुंचने का सफर काफी संघर्ष से भरा रहा है। वाइफ ने बीएड की डिग्री ली थी, ताकि जब तक पंकज त्रिपाठी अपने लिए कोई काम न ढूंढ लें वह घर चला सकें। वे लोग मुंबई आ गए और बजट के लिहाज से उन्हें वहां एक घर मिल गया। उसके बाद बात आई नौकरी की तो वे अखबारों में क्लासिफाइड सर्च किया करते थे, जिसमें खोजते थे कि टीचर्स की वेकेंसी कहां है, जो कि घर के आसपास ही चाहिए थी।

उन्हें किसी स्कूल में नौकरी नहीं मिल पा रही थी। जैसे-तैसे पंकज त्रिपाठी ने वाइफ को मनाया कि वह स्कूल में जाकर अपना बायोडाटा दें, जिसके बाद वह तैयार तो हो गईं लेकिन वहां उन्हें जवाब मिल गया कि कोई नौकरी नहीं है। उन्होंने उनका बायोडाटा अपने पास रख लिया। हालांकि, अगले दिन उन्हें फोन भी आ गया और इंटरव्यू के बाद उनकी नौकरी भी लग गई।

दफ्तर – दफ्तर भटकते थे पंकज

उन्होंने बताया था, ‘मुझे याद है कि मेरे पास कोई काम नहीं था और मेरी वाइफ मुंबई के एक स्कूल में पढ़ाती थी। वह अकेले ही घर चलाती थी, जिससे घर की बुनियादी जरूरतें पूरी हो जाती थीं। मुझे नहीं लगता कि मेरे पास बहुत दुखद संघर्ष की कहानी थी। मुझे कभी भी स्ट्रीट लाइट के नीचे नहीं बैठना पड़ा और न ही रेलवे स्टेशन पर सोना पड़ा। हम एक कमरे के छोटे से किचन हाउस में रह रहे थे और वो दिन भी कमाल के थे।’

पंकज त्रिपाठी अपने ऐक्टिंग के संघर्ष में जुट गए। वह दफ्तर-दफ्तर भटकने लगे। वहां दरबान उन्हें रोक दिया करते थे। जब दरबान उनसे पूछते थे कि किसने बुलाया है तो वो कहते थे कि बुलाया नहीं है, ईश्वर जी ने भेजा है। जब अंदर कास्टिंग डायरेक्टर उनसे पूछता तो वही जवाब देते कि ईश्वर जी ने भेजा है… फिर वे पूछते कि कौन ईश्वर जी तो पंकज त्रिपाठी ऊपर वाले की तरफ इशारा करते। उनकी बात सुनकर कई लोग तो हंस पड़ते थे और उनके सेंस ऑफ ह्यूमर की तारीफ करके लेकिन कई लोग खफा भी हो जाते थे। पंकज त्रिपाठी को भटकते-भटकते काफी वक्त लगा।

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