आयुष्मान खुराना गुरूद्वारा और ट्रेन में गाते थे गाने, सेंसिटिव टाॅपिक वाली फिल्मों ने दिलाई एक अलग पहचान
आयुष्मान खुराना बाॅलीवुड के मल्टी टेलटेंड एक्टर में से एक माने जाते हैं। उन्होंने अपनी सिंगिग, राइटिंग और एक्टिंग से सभी को काफी इंप्रेस किया। आयुष्मान के फिल्मों के टाॅपिक सभी को खासे पंसद आते हैं। हालांकि उनके लिए यह तक पहुंचने का सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा है। वें ट्रेन और गुरु
आयुष्मान खुराना बाॅलीवुड के मल्टी टेलटेंड एक्टर में से एक माने जाते हैं। उन्होंने अपनी सिंगिग, राइटिंग और एक्टिंग से सभी को काफी इंप्रेस किया। आयुष्मान के फिल्मों के टाॅपिक सभी को खासे पंसद आते हैं। हालांकि उनके लिए यह तक पहुंचने का सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा है। वें ट्रेन और गुरु द्वारे में गाना गाकर अपना जीवन व्यतीत करते थे। आईये जानते है उनके इस सफर के बारे में।
ट्रेन और गुरुद्वारे में गाते थे गाना
आयुष्मान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि “मैं दादी को गुरुद्वारे में जब भी गाते सुनता था, तो घर में उनकी नकल उतारा करता था। हशीशे के आगे खड़े होकर खुद को खूब निहारता था, लेकिन मैं थोड़ा वैसा आदमी हूं, जिसे धक्का देना पड़ता है। अभिनय का जुनून था, लेकिन कॉलेज या कहीं नाटक में भी हिस्सा लेने के लिए मेरे पिता को ही कहना पड़ता था। मैं मानता हूं कि मेरे पिता का जो हुनर है या उनमें जो कला है, वही मेरे अंदर आई है।
आयुष्मान कॉलेज के समय में दिल्ली से मुंबई जाने वाली पश्चिम एक्सप्रेस ट्रेन में अपने दोस्तों के साथ हर एक डिब्बे में जाकर गाया-बजाया करते थे। उससे जो पैसे मिलते थे,उसे वह जमा कर लेते थे। एक बार तो इससे इनके पास इतने पैसे जमा हो गए कि उससे सारे दोस्त गोवा की सैर कर आए थे। कॉलेज ख़तम होने के बाद ही आयुष्मान दिल्ली से मुंबई आ गए थे। फिर काफी दिनों कि स्ट्रगल के बाद उन्हें उनकी पहली फिल्म विक्की डोनर मिली। जिसके बाद उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सेंसिटिव टाॅपिक पर बनाई फिल्में
आयुष्मान खुराना इंडस्ट्री में अपनी सेंसिटिव टाॅपिक वाली फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने शुभ मंगल सावधान, आर्टिकल 19 और ड्रीम गर्ल जैसी फिल्में बनाई है। जिन्हें फैंस ने काफी ज्यादा पंसद किया है। उनकी फिल्म गुलाब सिताबो ने काफी सुर्खियां बटोरी थी।