6वीं फेल स्टूडेंट ने खड़ी कर दी अरबों की कंपनी, आज घर-घर पहुंचा रहे सर्विस, पढ़ें दीपिंदर गोयल की Success Story
दीपिंदर गोयल पढ़ाई में कुछ खास अच्छे नहीं थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वह 6वीं कक्षा में फेल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने IIT एग्जाम पहले अटेम्प्ट में ही क्लियर कर लिया। Life Success Story: आजकल हर कोई आसानी से घर बैठे अपनी पसंदीदा फूड मंगवा सकता है, जिसका श्
दीपिंदर गोयल पढ़ाई में कुछ खास अच्छे नहीं थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वह 6वीं कक्षा में फेल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने IIT एग्जाम पहले अटेम्प्ट में ही क्लियर कर लिया।
Life Success Story: आजकल हर कोई आसानी से घर बैठे अपनी पसंदीदा फूड मंगवा सकता है, जिसका श्रेय हम जोमैटो को देते हैं। यह ऑनलाइन कंपनी आज देश की सबसे बड़ी फूड डिलीवरी ऐप के रूप में सामने आई है। बता दें कि इस कंपनी के मालिक ने एक दिन खाने के लिए लंबी लाइन लगी थी और यही से उनकी तकदीर बदल गई। कहते हैं जब किस्मत साथ दे, तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ जोमैटो कंपनी के मलिक के साथ हुआ, जिनके कंपनी की वैल्यू आज 1 लाख करोड रुपए से अधिक हो चुकी है।
आइए जानते हैं Zomato कंपनी के फाउंडर दीपिंदर गोयल की सक्सेस स्टोरी।
पढ़ाई में अच्छे नहीं थे दीपिंदर
बता दें कि दीपिंदर गोयल पढ़ाई में कुछ खास अच्छे नहीं थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वह 6वीं कक्षा में फेल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने IIT एग्जाम पहले अटेम्प्ट में ही क्लियर कर लिया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली IIT से अपने इंजीनियरिंग के पढ़ाई पूरी की। साल 2006 में उन्होंने मैनेजमेंट कंसलटिंग कंपनी बेन एंड कंपनी में नौकरी शुरू कर दी। इस दौरान वह कैफेटेरिया के मेनू कार्ड के लिए लंबी लाइन में लगते थे, तभी उनके मन में एक विचार आया कि क्यों ना इस मेनू कार्ड को स्कैन करके किसी वेबसाइट पर डाला जाए।
उनका यह आइडिया काम कर गया और आज वह देश के नंबर वन फूड डिलीवरी एप बन चुके हैं।
इस तरह शुरू हुई कंपनी
दरअसल, Zomato एक फूड एग्रीगेटर ऐप है। जिसकी मदद से आप अपने आसपास मौजूद होटल रेस्टोरेंट से मेनू कार्ड के अनुसार खाना ऑर्डर कर सकते हैं। यह आपको बहुत ही कम टाइम में डिलीवरी बॉय द्वारा खाना पहुंचा देता है। इस कंपनी में आज करोड़ एक्टिव यूजर्स है। बता दें कि इस कंपनी की शुरुआत साल 2008 में की गई थी। सबसे पहले दीपिंदर ने एक रेस्टोरेंट और फूड लिस्टिंग वेबसाइट के रूप में इसे शुरू किया था।
शुरुआती दौर में जोमैटो केवल अपनी वेबसाइट से विज्ञापनों के माध्यम से कमाई कर रहा था, लेकिन जैसे-जैसे दिन गुजरते गए हालात में सुधार होने लगे और साल 2013 में कंपनी के लिए 37 मिलियन डॉलर फंडिंग रेस किया गया। जिसके बाद उनकी किस्मत ऐसी पलटी कि आज यह करोड़ों की कंपनी बन चुकी है।
2200 करोड़ के मालिक हैं दीपिंदर गोयल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपिंदर गोयल की नेट वर्थ 2200 करोड़ है। करोड़ों के मालिक होने के बावजूद वह बहुत ही सिंपल लाइफ जी रहे हैं। उन्हें सुर्खियों में रहना काफी ज्यादा पसंद नहीं है, इसलिए वह मीडिया से काफी दूरी बनाकर रखते हैं। इतना ही नहीं, कोरोनाकाल के दौरान उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए 700 करोड़ रुपये डोनेट किए हैं। साल 2022 में उन्होंने 4,447 करोड़ में Blinket कंपनी खरीद ली थी।
इसके अलावा, Zomato शेयर मार्केट में भी लिस्ट हो चुकी है। बता दें कि यह 26 देश में अपनी सर्विस दे रही है, जिसमें हजार से ज्यादा एम्पलाइज काम करते हैं।