Success Story: पिता के कुछ पैसे बचाने के लिए लगाते थे जुगाड़, ऐसा आइडिया आया कि 8000 करोड़ का एम्पायर बना डाला!
रिकांत पिट्टी जाने-माने उद्यमी हैं। वह EaseMyTrip के सह-संस्थापक और एमडी हैं। 2008 में उन्होंने EaseMyTrip की नींव रखी थी। उन्हें इसका आइडिया पिता के लिए टिकट बुक कराने की जुगाड़ से आया था। हवाई टिकट की खरीद पर पैसे बचाने के मकसद से वह पिता की यात्राओं के लिए खुद टिकट बुकिंग करव
रिकांत पिट्टी जाने-माने उद्यमी हैं। वह EaseMyTrip के सह-संस्थापक और एमडी हैं। 2008 में उन्होंने EaseMyTrip की नींव रखी थी। उन्हें इसका आइडिया पिता के लिए टिकट बुक कराने की जुगाड़ से आया था। हवाई टिकट की खरीद पर पैसे बचाने के मकसद से वह पिता की यात्राओं के लिए खुद टिकट बुकिंग करवाते थे। जल्द ही उन्हें इस काम में इतनी महारत हासिल हो गई कि इसमें उन्हें कामयाब बिजनेस की संभावनाएं नजर आईं।
Life Success Story: रिकांत पिट्टी ने कारोबारी जगत में बड़ी कामयाबी हासिल की है। वह EaseMyTrip के सह-संस्थापक हैं। पिट्टी ने साधारण से आइडिया को 8000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की कंपनी में बदल दिया। कारोबार में उनकी यात्रा तब शुरू हुई जब उन्होंने देखा कि ट्रैवल एजेंट टिकट की असल कीमतों की तुलना में कहीं ज्यादा वसूलते हैं। उनके पिता को कारोबार के सिलसिले में लगातार फ्लाइट बुक करानी पड़ती थी। पैसे बचाने के लिए रिकांत पिट्टी ने खुद ऑनलाइन टिकट बुक करना शुरू कर दिया। बाद में उन्हें इसमें बिजनेस के मौके दिखाई दिए। यहीं से उनका सफर शुरू हुआ। आइए, यहां रिकांत पिट्टी की सफलता के बारे में जानते हैं।
तब कॉलेज में कर रहे थे पढ़ाई
बात उस समय की है जब रिकांत पिट्टी इंजीनियरिंग स्टूडेंट थे। बिजनेस के सिलसिले में उनके पिता को महीने में कई बार फ्लाइट लेनी पड़ती थीं। ट्रैवल एजेंट तब ऑनलाइन टिकट की कीमत से 1,500 रुपये ज्यादा तक वसूलते थे। इसलिए रिकांत ने कुछ पैसे बचाने की खातिर अपने पिता के लिए खुद टिकट बुक करना शुरू किया।
पढ़ाई करते हुए ही ट्रैवल एजेंसी खोली
सिर्फ पिता के लिए ही नहीं, जल्द ही वह दोस्तों और परिवार के लोगों के लिए भी टिकट बुक कराने लगे। जब एयरलाइंस ने देखा कि वह एक ही खाते का इस्तेमाल करके बहुत ज्यादा संख्या में टिकट बुक करा रहे हैं तो उन्होंने रिकांत पिट्टी से संपर्क किया। रिकांत को तब तक यह महसूस हो चुका था कि यह एक अच्छा व्यवसाय है। उनके पास अवसर भी खुद चलकर आया था। रिकांत ने कॉलेज स्टूडेंट रहते हुए ही ड्यूक ट्रैवल्स नाम की एक ट्रैवल एजेंसी खोल दी।
ऐसे हुई EaseMyTrip की शुरुआत
EaseMyTrip (EMT) की शुरुआत तब हुई जब रिकांत ने पूर्वी दिल्ली में अपने भाई के साथ सिंगल-बेडरूम वाले अपार्टमेंट में कारोबार शुरू करने के लिए 15 लाख रुपये का निवेश किया। इसके अलावा ग्राहकों को लुभाने के लिए ‘नो कंवीनियंस फी’ और ‘जीरो हिडेन चार्जेस’ की पेशकश की। इसके बाद EaseMyTrip ने एक साल के भीतर हर दिन 20,000 से ज्यादा एयरलाइन टिकट बेचे। 2015 तक कंपनी की बिक्री बढ़कर 1,500 करोड़ रुपये हो गई।
रंग लाई मेहनत
रिकांत पिट्टी और उनके दो भाइयों की मेहनत रंग लाई। पिछले महीने EasyMyTrip के सह-संस्थापक रिकांत ने गुरुग्राम के सेक्टर 32 में 99.34 करोड़ रुपये में एक कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदी थी। कभी अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाने वाले रिकांत अब 4.22 करोड़ रुपये की लेम्बोर्गिनी चलाते हैं।