‘रविंद्र जडेजा को मैं किडनैप थोड़ी कर सकता हूं…’रविचंद्रन अश्विन ने क्यों कहा ऐसा?

टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए मैं रविंद्र जडेजा को किडनैप थोड़ी कर सकता हूं। ये कहना है ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का। उन्होंने ये भी कहा है कि जड्डू और उनमें से किसी एक को मौका मिलता है तो ये उनकी गलती है। Ravichandran Ashwin on Ravindra Jadeja: टीम इंडिया [..

By Shaikh Almina · 3/9/2024

टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए मैं रविंद्र जडेजा को किडनैप थोड़ी कर सकता हूं। ये कहना है ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का। उन्होंने ये भी कहा है कि जड्डू और उनमें से किसी एक को मौका मिलता है तो ये उनकी गलती है।

Ravichandran Ashwin on Ravindra Jadeja: टीम इंडिया के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रविंद्र जडेजा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। अश्विन ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसी टेस्ट मैच में उनको और रविंद्र जडेजा को साथ ना खिलाया जाए और सिर्फ जडेजा को प्लेइंग इलेवन में चुना जाए तो इसमें जड्डू का कोई कसूर नहीं है। उन्होंने कहा कि इसमें मेरा कसूर है, क्योंकि वैसे भी 11 खिलाड़ी ही खेल सकते हैं। अगर मुझे मौका नहीं मिलता है तो मुझे इस चीज पर काम करने की जरूरत है कि मैं क्या बेहतर कर सकता हूं।

आर अश्विन से जब विमल कुमार ने अपने यूट्यूब चैनल पर पूछा कि जब आप और रविंद्र जडेजा में से किसी एक खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है तो इस पर आप क्या सोचते हैं? इस पर अश्विन बोले, “ज्यादा टाइम ऐसा नहीं हुआ है और ये मेरी समस्या है, वो जड्डू (रविंद्र जडेजा) की प्रॉब्लम थोड़ी है। मेरा मतलब है कि अगर मैं प्लेइंग इलेवन में नहीं हूं तो ये जड्डू की गलती नहीं है, बल्कि मेरी है। मैं इसके बाद सोचता हूं कि मैं कैसे बेहतर हो सकता हूं। ये जड्डू की गलती नहीं है।”

अश्विन ने आगे कहा, “मैं जड्डू को किडनैप करके मैं घर में थोड़ी रख सकता हूं, यार मुझे मौका नहीं मिला है तो नहीं मिला। मेरी यही सोच रहती है कि मैं कैसे बेहतर बन सकता हूं। इसमें कोई जलने वाली बात नहीं है। 11 लोग ही खेल सकते हैं। हम सारे 11 एक ही टीम के लिए खेलते हैं और जो नहीं खेलता है, उसे हैंडल करना चाहिए कि इसमें किसी की गलती नहीं है। मुझे काम करना चाहिए, अपनी बल्लेबाजी पर और अपनी फील्डिंग पर। जितना भी मैं फील्डिंग करता हूं, मैं जड्डू की तरह नहीं कर सकता हूं, मगर मेरे अंदर ये चीज रहनी चाहिए कि मैं कोशिश करूं कि जैसी मैं फील्डिंग करता हूं, उससे बेहतर करूं।”

दिग्गज स्पिनर ने इसी कड़ी में आगे कहा, “हम यह कहने की प्रवृत्ति रखते हैं कि मैं बहुत अच्छा हूं, मगर वो खेल रहा है, क्योंकि वो पॉलिटिक्स है।” वहीं, जब उनसे पूछा गया कि एक समय अनिल कुंबले और हरभजन सिंह खेलते थे तो लोगों को लगता था कि इनके बाद कौन आएगा। इस पर अश्विन ने कहा कि ये कोई नई बात नहीं है। ये मानवीय विकास है। 1995 में किसी ने सोचा था कि स्मार्टफोन आएगा। या किसी ने ये सोचा है कि क्या 2040 के आईपीएल में भी आज के बराबर सैलरी होगी? नहीं होगी न, क्योंकि समय बदलता है और इसकी कोई एंडिंग नहीं है।

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