‘महाभारत’ के दुर्योधन पुनीत इस्सर का नसीरुद्दीन शाह पर बड़ा हमला, बोले- नक्सल-समर्थक और एकतरफा है सोच!
टीवी के मशहूर शो ‘महाभारत’ में दुर्योधन का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले पुनीत इस्सर ने दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के विचारों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नसीरुद्दीन शाह नक्सल-समर्थक विचारों को चुनते हैं और उनकी सोच एकतरफा नजर आती है। उनके इस बयान ने एक बार फिर फिल्मी सितारों के विचारों को लेकर बहस छेड़ दी है।
‘महाभारत’ के दुर्योधन पुनीत इस्सर का नसीरुद्दीन शाह पर बड़ा हमला, बोले- नक्सल-समर्थक और एकतरफा है सोच!
टीवी के मशहूर शो ‘महाभारत’ में दुर्योधन का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता पुनीत इस्सर इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के हालिया राजनीतिक बयानों पर सवाल उठाते हुए उनकी विचारधारा को एकतरफा बताया है। यह विवाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में शाह की टिप्पणी के बाद सामने आया है।
नसीरुद्दीन शाह पर क्यों भड़के पुनीत इस्सर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुनीत इस्सर ने नसीरुद्दीन शाह पर आरोप लगाया कि वह चुनिंदा मुद्दों पर ही अपनी आवाज उठाते हैं और वामपंथी तथा नक्सल-समर्थक नजरिए से घटनाओं को देखते हैं। हालांकि, पुनीत ने शाह के अभिनय और अपने वरिष्ठ कलाकार के रूप में उनके योगदान का सम्मान भी किया। उन्होंने कहा कि नसीर साहब उनके सीनियर हैं और उनके शिक्षक भी रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक मुद्दों पर बोलते समय उन्हें चुनिंदा रुख अपनाने से बचना चाहिए।
‘सरकार पसंद नहीं तो चुनाव लड़िए’
पुनीत इस्सर ने अपनी बात रखते हुए लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि मौजूदा सरकार को जनता ने चुनकर सत्ता सौंपी है। अगर किसी व्यक्ति को सरकार की नीतियों से असहमति है, तो वह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख सकता है। पुनीत ने यह भी कहा कि सरकार का विरोध करने वाले लोग राजनीति में उतरकर चुनाव लड़ सकते हैं और जनता का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।
नसीरुद्दीन शाह ने वीडियो में क्या कहा था?
दरअसल, नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने खुद को गर्व से ‘दिमागी नक्सल’ बताया। उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) और सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान में छात्रों से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। शाह ने आरोप लगाया कि छात्रों का मनोबल तोड़ने और शैक्षणिक संस्थानों को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं।
जामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने, मुख्य प्रॉक्टर को हटाने और प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस लेने जैसी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। शाह ने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि उनके साथ होने वाली घटनाओं को भुलाया नहीं जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। Jansatta +1
बयान से फिर छिड़ी वैचारिक बहस
पुनीत इस्सर और नसीरुद्दीन शाह के विचारों में सामने आया यह अंतर एक बार फिर कलाकारों की राजनीतिक टिप्पणियों को चर्चा में ले आया है। एक ओर शाह ने छात्रों के समर्थन और सरकार से सवाल पूछने को अपनी अभिव्यक्ति का हिस्सा बनाया, तो दूसरी ओर पुनीत ने उनके रुख को चुनिंदा बताते हुए निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल, इस बयानबाजी के बीच सबकी नजरें नसीरुद्दीन शाह की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में पुनीत की टिप्पणी पर शाह का कोई जवाब सामने नहीं आया है।