विजय के 120 दिन पूरे होने पर प्रकाश राज का सवाल, बोले- ‘बजट का इंतजार है, असली नतीजा अभी देखना बाकी’
अभिनेता प्रकाश राज ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के 120 दिन पूरे होने पर उनकी सरकार के कामकाज को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि वह बजट का इंतजार कर रहे हैं और असली नतीजा अभी देखना बाकी है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर विजय के करीब 120 दिन पूरे होने के बाद अभिनेता प्रकाश राज का बयान चर्चा में है। दिलचस्प बात यह है कि चुनाव से पहले विजय की राजनीति पर सवाल उठा चुके प्रकाश राज ने फिलहाल उनकी सरकार के कामकाज पर जल्दबाजी में फैसला देने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि नई सरकार को कम से कम एक साल का समय दिया जाना चाहिए।
‘120 दिन में निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी’
तिरुचिरापल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रकाश राज ने कहा कि विजय सरकार को सत्ता संभाले अभी सिर्फ 120 दिन हुए हैं। उनके मुताबिक, इतने कम समय में सरकार के प्रदर्शन पर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि विजय अब सिर्फ उन्हें वोट देने वालों के नहीं, बल्कि पूरे राज्य के मुख्यमंत्री हैं।
विजय पर संदेह, लेकिन अभी इंतजार
प्रकाश राज ने साफ किया कि विजय को लेकर उनके मन में पहले से कई सवाल रहे हैं और उन्होंने चुनाव से पहले भी अपनी चिंताएं जाहिर की थीं। हालांकि, अब सरकार बन चुकी है, इसलिए उन्होंने जनता के फैसले का सम्मान करते हुए समय देने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर एक साल बाद भी सरकार का काम संतोषजनक नहीं रहा, तो वह सवाल जरूर उठाएंगे।
बजट पर टिकी नजर
अभिनेता ने खास तौर पर सरकार के पहले बजट का इंतजार करने की बात कही। उनका मानना है कि बजट से सरकार की प्राथमिकताओं और काम करने की दिशा को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल सत्ता में बैठे लोगों को पसंद न करने की वजह से तुरंत आलोचना शुरू नहीं करनी चाहिए और लोकतंत्र व जनता के फैसले का सम्मान होना चाहिए।
अजित से मुलाकात पर भी बोले
विजय की ब्रिटेन यात्रा और अभिनेता अजित कुमार से उनकी मुलाकात पर भी प्रकाश राज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोस्त से मिलना गलत नहीं है, बल्कि ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि यात्रा का उद्देश्य पूरा हुआ या नहीं। विजय ने यात्रा से हजारों करोड़ रुपये के निवेश आने की बात कही है, इसलिए प्रकाश राज ने परिणाम पर ध्यान देने की बात कही।
इस तरह प्रकाश राज का मौजूदा रुख तत्काल आलोचना के बजाय समय, बजट और सरकार के वास्तविक कामकाज के आधार पर आगे मूल्यांकन करने का है।