नसीरुद्दीन शाह का BJP, PM मोदी और बंगाल सरकार पर तीखा हमला, छात्रों को धमकाने के आरोप पर उठाए सवाल
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने BJP, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बंगाल सरकार को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने छात्रों को कथित तौर पर धमकाए जाने के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक माहौल पर नाराजगी जताई। उनके बयान ने एक बार फिर सियासी बहस को तेज कर दिया है।
नसीरुद्दीन शाह का BJP पर तीखा हमला, बोले- ‘झूठी पार्टी’, SRFTI के छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। 24 अक्टूबर 2026 को उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा निशाना साधते हुए कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के आंदोलनकारी छात्रों का समर्थन किया। शाह ने आरोप लगाया कि अपनी विचारधारा से असहमत लोगों के खिलाफ पार्टी बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है। उनके इस बयान ने राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में बहस छेड़ दी है।
छात्रों को डराने और बदले की राजनीति का लगाया आरोप
नसीरुद्दीन शाह ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि BJP उन लोगों के खिलाफ बदले की भावना से काम कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। अभिनेता ने पार्टी के लिए ‘झूठी पार्टी’ जैसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और छात्रों के साथ हो रही कथित कार्रवाई पर सवाल उठाए।
शाह के मुताबिक, SRFTI के छात्र संस्थान के प्रशासन से जवाबदेही मांग रहे थे, लेकिन उन्हें कथित तौर पर कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्हों
ने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने आशंका जताई कि युवा फिल्मकारों को डराने या उनका विचार बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने लोगों से छात्रों की मांगों का समर्थन करने की अपील की।
क्या है SRFTI विवाद?
यह पूरा मामला कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में हुई कथित हिंसा और उसके बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, 27 सितंबर को संस्थान परिसर में छात्रों और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) के सदस्यों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद 4 अक्टूबर को भी परिसर के आसपास एक अन्य प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बनी। दोनों पक्षों की ओर से घटनाओं को लेकर आरोप लगाए गए।
छात्र 12 अक्टूबर से कुलपति संतोष अजमेरा के कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि परिसर में हुई घटनाओं की जवाबदेही तय की जाए और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संस्थान ने 16 अक्टूबर को जारी आदेश में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां 13 नवंबर तक स्थगित करने और छात्रों को परिसर खाली करने के निर्देश दिए थे।
पायल कपाड़िया ने भी किया छात्रों का समर्थन
फिल्मकार पायल कपाड़िया ने भी छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने परिसर में हुई घटनाओं और छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर चिंता जताई। दूसरी ओर, BJP नेता राहुल सिन्हा ने शाह की टिप्पणियों की जांच की मांग करते हुए उनके आरोपों पर सवाल उठाए।
फिलहाल, यह विवाद छात्रों की सुरक्षा, संस्थान की जवाबदेही और राजनीतिक विचारधारा की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों को सामने ला रहा है। नसीरुद्दीन शाह के बयान ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।