Exclusive: सलमान और शाहरुख को क्यों मिला स्टार्डम? मिथुन चक्रवर्ती ने किया खुलासा, जानें क्या है सुपरस्टार बनने की वजह
Bollywood: वैसे तो फिल्म इंडस्ट्री काफी बड़ी है. मगर अनगिनत कलाकारों के बीच में सुपरस्टार का टौग बहुत कम लोगों को मिलता है. दिलीप कुमार से लेकर, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन और अब शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान और ऋतिक रोशन जैसे कुछ चुनिंदा एक्टर्स का नाम इस फेहरिस्त में शामिल है.
Bollywood: वैसे तो फिल्म इंडस्ट्री काफी बड़ी है. मगर अनगिनत कलाकारों के बीच में सुपरस्टार का टौग बहुत कम लोगों को मिलता है. दिलीप कुमार से लेकर, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन और अब शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान और ऋतिक रोशन जैसे कुछ चुनिंदा एक्टर्स का नाम इस फेहरिस्त में शामिल है. मगर क्या आप जानते हैं कि, इन Bollywood एक्टर्स को स्टार्डम क्यों मिला है? इस बात का खुलासा मिथुल चक्रवर्ती ने अपने एक इंटरव्यू में किया है.
मिथुन ने खोला राज
दरअसल बड़े पर्दे के वेटेरन एक्टर मिथुन चक्रवर्ती को भला कौन नहीं जानता. एक जमाने में सिल्वर स्क्रीन पर मिथुन के नाम का सिक्का चलता था. हालांकि मिथुन पिछले काफी समय से फिल्मों में नजर नहीं आए हैं. वहीं अब मिथुन दा फिल्म काबुलीवाला से बॉक्स ऑफिस पर कमबैक करने जा रहे हैं. ऐसे में फिल्म के प्रमोशन के दौरान मिथुन ने सुपरस्टार के स्टार्डम की असली वजह सिंगल स्क्रीन को बताई है.
सिंगल स्क्रीन से मिला स्टार्डम
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुपरस्टार्स के स्टार्डम पर बात करते हुए मिथुन कहते हैं कि, “आज के समय में सुपरस्टार बनना खत्म हो गया है. चाहे वो अमिताभ बच्चन हों, सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान या फिर ऋतिक रोशन हों. ये सभी को सिंगल स्क्रीन की बदौलत सुपरस्टार बने और इसलिए उनका करियर लम्बा रहा. मगर आजकल एक फिल्म महज कुछ ही दिनों तक चलती है और ये आपको सुपरस्टार नहीं बनने देती है. इसलिए आपको प्रयास करते रहना होगा.”
फिल्म काबुलीवाला
मिथुन चक्रवर्ती की अपकमिंग फिल्म काबुलीवाला की बात करें तो ये फिल्म 22 दिसंबर को रिलीज की जाएगी. सुमन घोष के निर्देशन में बने ये फिल्म बंगाली ऑडियन्स को काफी पसंद आएगी. फिल्म की निर्देशक सुमन घोष के अनुसार, ये कहानी अफगानिस्तान से जुड़ी थी. ऐसे में मेकर्स फिल्म को अफगानिस्तान में शूट करना चाहते थे. मगर राजनीतिक स्थिति के चलते ये संभव ना हो सका. जिसके चलते फिल्म की शूटिंग कारगिल में पूरी गई. जिसकी पृष्ठभूमि काफी हद तक अफगानिस्तान से मिलती-जुलती है.