DULEEP TROPHY 2024: पिता का सपना था बेटा बने बल्लेबाज, लेकिन अब घातक स्पिन से उखाड़ रहे स्टम्प्स, मानव सुथार की दिलचस्प कहानी

मानव सुथार ने दिलीप ट्रॉफी में इंडिया सी के लिए शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने अपनी स्पिन से इंडिया डी के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया. लेकिन उनके पिता नहीं चाहते थे कि वह स्पिनर बनें. Manav Suthar Life Story: राजस्थान के युवा स्पिनर मानव सुथार ने हाल ही में दिलीप ट्रॉफी में अपन

By Shaikh Almina · 7/9/2024

मानव सुथार ने दिलीप ट्रॉफी में इंडिया सी के लिए शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने अपनी स्पिन से इंडिया डी के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया. लेकिन उनके पिता नहीं चाहते थे कि वह स्पिनर बनें.

Manav Suthar Life Story: राजस्थान के युवा स्पिनर मानव सुथार ने हाल ही में दिलीप ट्रॉफी में अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है. उन्होंने अनंतपुर में पांच विकेट लेकर इंडिया सी की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. इस शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को भी प्रभावित किया है और अब माना जा रहा है कि मानव जल्द ही भारतीय टीम में अपनी जगह बना सकते हैं.

इस तरह टूट गया मानव के पिता का सपना

जब जगदीश सुथार ने अपने बेटे मानव सुथार को राजस्थान के श्रीगंगानगर में क्रिकेट कोचिंग के लिए दाखिला दिलाया, तो उनके मन में बस एक ही इच्छा थी- मानव दुनिया का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बने. कोच धीरज शर्मा को भी संदेश साफ था, लेकिन 48 घंटे के भीतर ही मानव के पिता जगदीश का सपना टूट गया. कोच को तुरंत एहसास हो गया कि मानव की असली प्रतिभा स्पिन गेंदबाजी में है. कोच धीरज ने कहा, “यह लड़का स्पिनर बनने के लिए बना है, इसे मत रोको, अब यह मेरी जिम्मेदारी है.” यहीं से मानव के क्रिकेट करियर की शुरुआत हुई.

मानव ने स्टार बल्लेबाजों को किया परेशान

मानव सुथार के पास बेहतरीन एक्शन, कमाल का ड्रिफ्ट, टर्न और वैरिएशन है. उन्होंने कई स्टार बल्लेबाजों को भी परेशान किया। इसमें देवदत्त पडिक्कल, केएस भरत और रिकी भुई जैसे बल्लेबाज शामिल हैं. मानव सुथार ने कहा, “हर पिच अलग होती है और यहां की पिच पर मुझे लगा कि थोड़ी धीमी गेंदबाजी करने से मुझे ज्यादा टर्न मिलेगा. मैंने यही किया और इसका मुझे फायदा हुआ.”

मानव को टी20 क्रिकेट में नहीं मिले ज्यादा मौके

मानव सुथार को अभी तक टी20 क्रिकेट में ज्यादा मौके नहीं मिले हैं. मानव के करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन कोच धीरज ने उन्हें हमेशा सफेद गेंद से दूर रखा ताकि वह लाल गेंद के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें. धीरज ने कहा, “मुझे यकीन है कि मानव लाल गेंद से बड़ा नाम बनेगा क्योंकि उसकी तकनीक और धैर्य उसे लंबे स्पैल में भी सफल बनाएगा.”

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