महिमा चौधरी के अफेयर पर स्मिता जयकर का खुलासा, बोलीं- मर्द कूड़े की तरह छोड़ दे तो टूट जाती है औरत
महिमा चौधरी की निजी जिंदगी और अफेयर को लेकर स्मिता जयकर के बयान ने एक बार फिर पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। अभिनेत्री ने रिश्तों में मिलने वाले धोखे और उससे महिलाओं को होने वाली भावनात्मक तकलीफ पर बात करते हुए कहा कि जब कोई मर्द औरत को कूड़े की तरह छोड़ देता है, तो वह अंदर से टूट जाती है। उनके इस बयान ने रिश्तों, प्यार और महिलाओं के आत्मसम्मान को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
महिमा चौधरी के अफेयर पर स्मिता जयकर का खुलासा, बोलीं- मर्द कूड़े की तरह छोड़ दे तो टूट जाती है औरत
बॉलीवुड में कई सितारों की जिंदगी से जुड़े ऐसे किस्से हैं, जो सालों बाद भी चर्चा में आ जाते हैं। अभिनेत्री महिमा चौधरी और फिल्ममेकर सुभाष घई के कथित रिश्ते की कहानी भी एक बार फिर सुर्खियों में है। फिल्म ‘परदेस’ में काम कर चुकीं अभिनेत्री स्मिता जयकर ने इस पुराने मामले पर अपनी बात रखी है। उन्होंने रिश्तों में उम्मीदों, भावनात्मक जुड़ाव और दिल टूटने के दर्द को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है।
महिमा और सुभाष घई के रिश्ते पर क्या बोलीं स्मिता जयकर?
सिद्धार्थ कन्नन के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान स्मिता जयकर से महिमा चौधरी और सुभाष घई के बीच कथित रिश्ते को लेकर सवाल किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, अभिनेत्री ने साफ किया कि उन्हें इस रिश्ते की सच्चाई के बारे में व्यक्तिगत जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने ऐसा कुछ अपनी आंखों से नहीं देखा था, जिसके आधार पर वह किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकें।
हालांकि, रिश्ते में भावनात्मक रूप से जुड़ने और फिर निराश होने के विषय पर अपनी राय रखते हुए स्मिता ने कहा कि जब कोई महिला किसी रिश्ते में अपना सबकुछ लगा देती है और बाद में पुरुष उसे कूड़े की तरह छोड़ देता है, तो वह अंदर से टूट जाती है। उनका यह बयान अब महिमा की निजी जिंदगी से जुड़ी पुरानी चर्चाओं के बीच सुर्खियां बटोर रहा है।
‘परदेस’ के बाद महिमा की जिंदगी में क्या हुआ?
साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म ‘परदेस’ से महिमा चौधरी ने बॉलीवुड में शानदार शुरुआत की थी। सुभाष घई के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई। फिल्म में उनके अभिनय और खूबसूरती की खूब तारीफ हुई, लेकिन बाद के वर्षों में उनके करियर की रफ्तार धीमी पड़ गई।
रिपोर्टों में महिमा और सुभाष घई के बीच कथित नजदीकियों के साथ-साथ विवादों का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, उनके रिश्ते की वास्तविक स्थिति को लेकर स्मिता जयकर ने कोई पुख्ता दावा नहीं किया। उन्होंने यह संभावना जताई कि रिश्ते में उम्मीदें टूटने से महिमा भावनात्मक रूप से प्रभावित हुई होंगी, लेकिन इसे एक अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
रिश्तों के दर्द पर चर्चा में आया बयान
स्मिता जयकर की टिप्पणी ने एक बार फिर इस सवाल को सामने ला दिया है कि निजी रिश्तों में भावनात्मक निवेश किसी व्यक्ति को किस तरह प्रभावित कर सकता है। जब कोई इंसान पूरे भरोसे के साथ किसी रिश्ते में आगे बढ़ता है और उसे निराशा हाथ लगती है, तो उस अनुभव से उबरना आसान नहीं होता।
महिमा चौधरी की जिंदगी और करियर को लेकर पुरानी चर्चाएं भले ही फिर सुर्खियों में हों, लेकिन कथित अफेयर को स्थापित तथ्य मानना सही नहीं होगा। स्मिता का बयान उनके व्यक्तिगत नजरिये को सामने रखता है, जबकि इस रिश्ते की सच्चाई को लेकर उन्होंने खुद अनभिज्ञता जताई है।