Jyothi Reddy Success Story: भारत में मजदूरी कर कमाती थीं प्रतिदिन 5 रुपये, आज अमेरिका में हैं बड़ी कंपनी की सीईओ

साल 1989 में भारत में 5 रुपये प्रति दिन की मजदूरी करने वाली ज्योति रेड्डी आज अमेरिका में एक बड़ी कंपनी की सीईओ हैं। आइए जानते हैं ज्योति की फर्श से अर्श तक पहुंचने की पूरी कहानी। Life Success Story: तेलंगाना के वारांगल में पैदा हुई ज्योति रेड्डी की कहानी हम सभी के लिए किसी [...]

By Shaikh Almina · 6/5/2024

साल 1989 में भारत में 5 रुपये प्रति दिन की मजदूरी करने वाली ज्योति रेड्डी आज अमेरिका में एक बड़ी कंपनी की सीईओ हैं। आइए जानते हैं ज्योति की फर्श से अर्श तक पहुंचने की पूरी कहानी।

Life Success Story: तेलंगाना के वारांगल में पैदा हुई ज्योति रेड्डी की कहानी हम सभी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। भारत में प्रतिदिन 5 रुपये की मजदूरी कर कमाई करने वाली ये महिला आज अमेरिका में एक बड़ी कंपनी की सीईओ हैं। बचपन में कभी नंगे पैर स्कूल जाती थी, आज वही दुनिया की लग्जरी और महंगी कारों की मालकीन हैं। दरअसल ज्योति रेड्डी ने यूएसए में रहकर अपना बिजनेस कर रही हैं।

वो आज अमेरिका में सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस इंक कंपनी की सीईओ हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी कंपनी की वैल्यू लगभग 15 मिलियन यूएस डॉलर है। मतलब, भारतीय मूद्रा में ये आंकड़ा एक अरब रुपये से भी ज्यादा है। ज्योति के लिए एक मजदूर से सीईओ बनने का सफर इतना आसान नहीं था। इसके लिए उन्होंने काफी मेहनत की और अपनी अलग पहचान बनाई। इसी के साथा आइए जानते हैं ज्योति रेड्डी की सक्सेस स्टोरी।

ज्योति रेड्डी का कैसा था बचपन?

ज्योति रेड्डी का जन्म साल 1970 में तेलंगाना के वारांगल जिले में हुआ था। वो 5 बहनों में सबसे छोटी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं थी, जिसके कारण उनकी मां ने ज्योति को अनाथालय भेज दिया था। हालांकि, उन्हें पढ़ने में काफी रुचि थी। उन्होंने वहां रहकर 10 वीं परीक्षा दी और फर्स्ट डिवीजन से पास भी की। इसके बाद, घर वालों ने ज्योति की 16 साल की उम्र में ही शादी करवा दी।

संघर्षों के बाद अमेरिका पहुंची ज्योति

शादी के बाद उन्होंने, अपने परिवार के पालन पोषण के लिए खेतों में मजदूरी की। इसके लिए ज्योति को हर दिन 5 रुपए मिलते थे। हालांकि, उन्होंने अपनी पढ़ाई को बंद नहीं किया था। साल 1992 में बीए स्ट्रीम से ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की। इसके बाद महिला की नौकरी सरकारी स्कूल में टीचर के तौर पर लगी।

ज्योति रेड्डी के जीवन में यू टर्न तब आया जब एक रिश्तेदार से मिलकर उन्होंने अमेरिका जाने का फैसला किया। यहां, ज्योति ने सेल्सगर्ल की नौकरी की। कुछ समय बाद ज्योति को ICSA नामक कंपनी में अच्छी सैलरी की जॉब मिली। हालांकि, उनके पास वर्किंग वीजा नहीं था, जिसके कारण ये नौकरी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद भी महिला ने हार नहीं मानी। उन्होंने बाथरूम क्लीनिंग तक की काम भी किए।

ज्योति रेड्डी कैसे बनीं सीईओ

ज्योति ने अमेरिका में वर्किंग वीजा हासिल करने के बाद साल 2001 में अमेरिका में अपनी कंसल्टिंग फर्म ओपन की। इस कंपनी की उन्होंने अपनी सेविंग से 4000 यूएस डॉलर लगाकर शूरुआत की। इसमें सफलता हासिल करने के बाद, ज्योति ने KEY सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन नामक एक सॉफ्टवेयर कंपनी बनाई। वह अभी इस कंपनी की सीईओ हैं। ये कंपनी अब अमेरिका की बड़ी कंपनियों को आईटी सपोर्ट उपलब्ध करा रही है।

Hindi Behind Talkies AMP · Quick view
View full